चीन अपना रक्षा बजट बढ़ाकर भारत और अमेरिका को दे रहा चुनौती

बीजिंग। भारत और अमेरिका के साथ तनाव को देखते हुए चीन ने अपना रक्षा बजट बढ़ा दिया है। चीन ने साल 2021 के लिए रक्षा बजट में 6.8 फीसदी का इजाफा किया है। चीन ने अपना रक्षा बजट बढ़ाकर 209 अरब डॉलर कर दिया है। चीन के प्रधानमंत्री ली क्विंग ने देश की संसद ‘नेशनल पीपल्स कांग्रेस (एनपीसी) में शुक्रवार को यह घोषणा की।

चीन ने रक्षा बजट में बढ़ोतरी का एलान ऐसे समय में किया है, जब दुनिया कोरोना वायरस के प्रकोप से गुजर रही है। रक्षा बजट में बढ़ोत्तरी पर एनपीसी के प्रवक्ता झांग यसुई ने यहां पत्रकारों से कहा कि चीन की कोशिश राष्ट्रीय रक्षा को मजबूत करने की है, किसी भी देश को निशाना बनाने या उसके लिए खतरा उत्पन्न करने की नहीं।

चीन की अर्थव्यवस्था 2020 में 2.3 प्रतिशत की दर से बढ़ी थी जो कि पिछले 45 साल में सबसे कम वार्षिक आर्थिक विकास दर थी। पिछले साल चीन की अर्थव्यवस्था पर कोरोना वायरस महामारी का प्रभाव पड़ा लेकिन यह जल्द ही इससे उबरने में सफल रही।

चीन के बजट बढ़ाने को लेकर वैज्ञानिकों का कहना है कि वो दुनिया पर राज करना चाहता है, इसलिए रक्षा बजट को लगातार बढ़ा रहा है। चीन की अमेरिका और भारत के साथ तनाव की स्थिति है। दक्षिण चीन सागर और हांगकांग में लोकतंत्र स्थापित करने को लेकर चीन का अमेरिका से विवाद जारी है। इसके अलावा पूर्वी लद्दाख पर चीन का भारत के साथ तनाव जारी है।

चीनी सेना से रिटायर्ड वरिष्ठ कर्नल वांग शियांगसुई का कहना है कि अमेरिकी सेना परमाणु हथियार और अंतरिक्ष में अपनी शक्ति बढ़ाना चाहती है तो वहीं चीन इसे बिगाड़ना चाहता है।

चीन अपने मिसाइल ट्रेनिंग एरिया को बहुत बड़े पैमाने पर विकसित कर रहा है। आने वाले दिनों में चीन अपनी मारक क्षमता बढ़ाने और दुश्मनों पर हावी होने के लिए मिसाइलों को मुख्य हथियार बना रहा है। खबरों के मुताबिक चीन के पास कई ऐसी घातक मिसाइलें हैं, जिनका तोड़ अमेरिका के पास भी नहीं है। चीन कम से कम 16 साइलों का निर्माण कर रहा है।

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