बिना फास्ट टैग वाले वाहनों से लगा जाम, दोगुना राशि चुका कर आगे बढ़े

टोल पर चार्ज डबल…कैश की लंबी लेन में फंसे लोग बोले…
इंदौर। मांगलिया टोल नाके पर मंगलवार सुबह अलग-अलग नजारे देखने को मिले। यहां से गुजर रहे 95 फीसदी लोगों को यह तो पता था कि अब कार्ड के जरिए आसानी से टोल से गुजरा जा सकता है। लेकिन 20 फीसदी के करीब लोग जानकारी होने के बाद भी बिना फास्ट टैग बनवाए, कैश की लाइन में घुस गए। लंबी-लंबी कतार लगती गई। देखते ही देखते आधे से पौन किलोमीटर तक वाहनों की लाइन लग चुकी थी। हार्न बजते रहे, लाेग परेशान होते रहे। जब उनकी बारी आई तो यहां पर उसने डबल रुपए मांगे गए। यह सुन कुछ उखड़े तो, लेकिन करते मजबूरी में रुपए देकर आगे निकले और वहां से सीधे टोल पर लगे फास्ट टैग के बूथ पर जा पहुंचे। बोले – आगे का सफर इतना मुश्किलों वाला नहीं करना। इसलिए फास्ट टैग बनवा ही लिया जाए।

डकाच्या के लोकल लोगों के बारे में सोचने की जरूरत
डकाच्या के रहने वाले नीजन पटेल ने कहा कि फास्ट टैग अच्छी सुविधा है, लेकिन लोकल लोगों के लिए कुछ अलग से नियम होने चाहिए। हमारा रोज का इंदौर आना जाना लगा रहता है। मांगलिया टोल टैक्स होने से हमें परेशानी का सामना करना पड़ता है। लोगों को आज या कल तो फास्ट टैग बनवाना ही हाेगा। क्योंकि आप कब तक डबल रुपए देंगे। वहीं, प्रदीप कुमार जैन का कहना था कि पब्लिक के लिए फास्ट टैग अच्छा है। अब टोल टैक्स में जो वसूली होगी, वह सरकार को पता तो रहेगी। पहले तो कैश देने के बाद कहां जाता था, किसी को भी पता नहीं होता था।

कैश वालों को फास्ट टैग लेन में प्रवेश नहीं दिया जाएगा
टोल प्रबंधन का मामना है कि जल्द ही सभी वाहनों में फास्ट टैग नजर आएंगे। कुछ दिनों की सहूलियत के बाद टोल कंपनियां कैश लेन को भी फास्ट टैग से जोड़ने जा रही हैं। चारों टोल के कैश लेन से 20 प्रतिशत वाहन गुजर रहे हैं और लगभग इतने ही प्रतिशत टैक्स भी कैश में जमा हो रहा है। नियम के मुताबिक फास्ट टैग वाला वाहन कैश लेन से तो गुजर सकता है, लेकिन कैश लेन वाला वाहन फास्टैग लेन से गुजरना चाहे तो उसे दाेगुना टैक्स देना होगा। हालांकि सोमवार रात 12 बजे से इन नियम में बदलाव कर दिया गया है। अब बिना फास्ट टैग वाले वाहनों को फास्ट टैग लेन से एंट्री नहीं दी जा रही है। जो घुस रहे हैं, उन्हें वापस लौटाया जा रहा है।

पहले 10 से 12 बनाते थे मंगलवार को 3 घंटे में ही करीब 60 कार्ड बनाए
टोल पर फास्ट टैग बनाने वाले बूथ पर पहुंचा तो यहां आशीष प्रजापति फास्ट टैग कार्ड बनाने में व्यस्त थे। उसने जब पूछा तो बोले – पहले दिनभर में 10 के करीब कार्ड बनाता था। आज सुबह 6 बजे बूथ पर पहुंचा हूं, सुबह 9 बजे तक यानी तीन घंटे में ही मैंने 60 से ज्यादा कार्ड बना दिए हैं। पहले तो 90 फीसदी लोग बूथ में आकर पूछते तक नहीं थे। डबल चार्ज लगने के साथ ही इसकी डिमांड बढ़ गई है। मैं यहां दो से तीन साल से यही काम कर रहा हूं। पिछले साल फास्ट टैग का क्रेज अच्छा था। एक ही दिन में मैंने 400 से ज्यादा कार्ड सेल किए थे। आज पहला दिन है, उम्मीद है लाेगों की रुचि इस ओर बढ़ेगी।

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