भाजपा कार्यकारिणी की बैठक: निकाय चुनाव में पार्टी को मिलेगी प्रचंड जीत

इंदौर। मध्य प्रदेश में नगरीय निकाय चुनाव में प्रचंड जीत के लिए माइक्रो लेबल पर प्लानिंग की जा रही है। भाजपा पूरे आत्म विश्वास के साथ चुनाव लड़ कर बैंचमार्क स्थापित करेगी। कांग्रेस-प्रतिपक्ष का चिह्न तक ढूंढे नहीं मिलेगा, उसके लिए जीत मृग मरीचिका के समान हो जाएगी। भाजपा प्रदेश प्रभारी मुरलीधर राव, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने यह दावा मीडिया से चर्चा में किया।भाजपा नगर अध्यक्ष गौरव रणदिवे, प्रदेश प्रवक्ता लोकेश पाराशर भी उनके साथ थे।
इस बैठक में सिर्फ निकाय चुनाव ही नहीं बल्कि अगले 25 वर्षों में पंचायत से पार्लियामेंट चुनाव तक की रणनीति भी तय की जा रही है। प्रश्नों के जवाब में राव और शर्मा ने कहा कि निकाय चुनाव में प्रत्याशियों के लिए उम्र का बंधन नहीं है लेकिन उसमें युवा जैसी चुस्ती-फुर्ती जरूर हो।इस बैठक में हम प्रदेश पदाधिकारियों और मोर्चा अध्यक्षों के साथ बैठकर मंथन भी कर रहे हैं कि हमारी जो कमजोरियां हैं उसे ताकत में कैसे बदले।नगर निगम चुनाव में ऐतिहासिक जीत कार्यकर्ताओं के बल पर ही मिलेगी। सिंधिया को लेकर पूछे सवाल पर कहना था यह कहना सही नहीं कि मंत्रिमंडल या संगठन में सिंधिया को पर्याप्त सम्मान नहीं मिला। पार्टी में जो लोग वर्षों से काम कर रहे हैं क्या उन्हें पर्याप्त जगह मिल गई? इन सब को पीछे छोड़कर सिंधिया के साथ आए विधायकों को मंत्री बनाया है। वैसे भी अब ज्योतिरादित्य सिंधिया भाजपा के नेता हैं, उनके साथ जो कांग्रेस से आए हैं उनके नेता नहीं।
हमने सौदेबाजी से सरकार नहीं बनाई बल्कि जिन लोगों को वहां मान-सम्मान नहीं मिल रहा था वे साथ आए हैं। सौदेबाज तो कमलनाथ हैं, पूरे देश में कमलनाथ की पहचान सौदेबाज के रूप में होती है। जहां तक परिवारवाद का सवाल है तो भाजपा सदैव इसके खिलाफ रही है लेकिन पार्टी के हित में अच्छा काम करने वाला सांसद या विधायक का बेटा होगा तो उसे भी हम कार्यकर्ता की डेफिनेशन से देखेंगे, उसकी निष्ठा की इसलिए अनदेखी नहीं कर सकते कि वह किसी का बेटा, भाई, पत्नी है। माफियाओं के खिलाफ प्रदेश में चल रही कार्रवाई निष्पक्ष रूप से चल रही है, कमलनाथ सरकार में तोभाजपा कार्यकर्ताओं की सूचियां बनाकर राजनीतिक द्वेष वाली कार्रवाई की गई, जबकि उन्हीं की पार्टी के वरिष्ठ नेता नें समझाया भी था ऐसी द्वेषता गलत है।

कांग्रेस अब कट्टरपंथी और इसके नेता दिग्विजय
हाल के वर्षों में कांग्रेस की लगातार हार, गिरती साख पर मुरलीधर राव का कहना था कांग्रेस अब कट्टरपंथी होती जा रही है और इसके नेता दिग्विजय सिंह हो गए हैं। वो पत्थरबाज नेताओं को समर्थन देते हैं। इन्हीं कारणों से कांग्रेस अपना अस्तित्व खोती जा रही है।

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