राज्यपाल बोलीं- अब केमिस्ट्री के टीचर को फिजिक्स भी पढ़ाना होगा

दीक्षांत समारोह… नई शिक्षा नीति पर बात
इंदौर। नई शिक्षा नीति में बहुत कुछ नया है। लंबे समय से चली आ रही परंपरा बदलने वाली है। पहले से यह चला आ रहा है कि यदि स्कूल कालेज में केमिस्ट्री का टीचर है, तो वह अभी केमिस्ट्री ही पढ़ाता है, फिजिक्स पढ़ाने को कहो तो वह मना कर देगा। नई शिक्षा नीति में अब ऐसा नहीं है। आपको सब कुछ सीखना और पढ़ाना होगा।

यह बात शुक्रवार को राज्यपाल और कुलाधिपति आनंदी बेन पटेल ने डीएवीवी के दीक्षांत समारोह में कही। अब 70 फीसदी सिलेबस केंद्र से आएगा। वहीं, 30 फीसदी पाठ्यक्रम यूनिवर्सिटी और राज्य सरकार तैयार करेगी। युवाओं के लिए शिक्षा नीति में प्रावधान हैं। आत्मनिर्भर भारत के लिए हमें सीखना जरूरी है। पहली कक्षा से लेकर कॉलेज स्टूडेंट्स तक को टूर प्रोग्राम करवाना चाहिए। राज्यपाल ने कहा, यदि एक बेटी को गोल्ड मेडल मिला हो और विवाह के समय लड़के वाले लड़की के माता-पिता के पास गोल्ड की मांग करें, तो वे कितने योग्य होंगे। यह सोचने वाली बात है। मुझे तो पता चला है कि सरकारी नौकरी मिल जाए, तो वे लोग दहेज की ज्यादा मांग करते हैं। हम आज हमारे बेटे बेच रहे हैं। मप्र में ऐसा आंदोलन चले, जिसमें बाल विवाह और दहेज प्रथा खत्म हो जाए। दहेज मांगते हैं, नहीं मिला तो बेटियों को जला देते हैं। शिक्षा का जीतना तेजी से विस्तार होगा, आत्मनिर्भरता भी उतनी ही तेजी से बढ़ेगी। सुबह सबसे प्रोसेशन के दौरान संस्कृति के श्लोकों के साथ आगंतुकों का स्वागत किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत कुलाधिपति पटेल ने दीप प्रज्जवलित कर किया। इसके बाद सभी का स्वागत किया गया। मंच पर जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट, सांसद शंकर लालवानी आदि उपस्थित थे।

194 गोल्ड, 22 सिल्वर और 126 को पीएचडी अवार्ड
समारोह से कुछ घंटे पहले पूरे परिसर को सैनिटाइज किया गया। थर्ममीटर से तापमान चेक होने के बाद ही भीतर एंट्री मिल पाई। मास्क लगाना अनिवार्य था। भीतर भी एक-एक सीट छोड़कर आगंतुकों को बैठाया गया। मुख्य अतिथि इसरो के पूर्व चेयरमैन ए. एस किरण कुमार, कुलाधिपति आनंदी बेन पटेल और उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. मोहन यादव सभी सभी लोग मालवी पगड़ी में नजर आए। समारोह में 2017-18 और 2018-19 के पास आउट छात्रों को 194 गोल्ड, 22 सिल्वर और 126 को पीएचडी डिग्री अवार्ड की गई।

admin