वंश चलाने के नाम पर होता रहा यौन शोषण

इंदौर। शादी और वंश चलाने के नाम का झांसा देकर युवती का यौन शोषण करने वाले जिस बिल्डर संतोष तलरेजा के डीएनए टेस्ट कराने के मामले में जूनी इंदौर पुलिस द्वारा फिर लीपापोती की जा रही थी, आखिरकार रिपोर्ट में ही पीड़िता के बच्चे का पिता निकला। खास बात यह कि इस मामले में पीड़िता को शुरू से ही पुलिस का सहयोग नहीं मिला। इसके चलते उसने न खुद अवैध सोनोग्राफी सेंटर का स्टिंग का भण्डाफोड़ कर बिल्डर को बेनकाब किया था बल्कि डीएनएन टेस्ट में भी पुलिस ने लीलापोती को तो उसने दूसरी बार सैम्पल दिया और खुद इसकी वीडियोग्राफी करवाई।
मामला धनगुरु डेवलपर्स के संचालक बिल्डर संतोष तलरेजा निवासी पलसीकर कॉलोनी का है। चार साल साल पहले उसकी युवती से दोस्ती हुई थी। उस दौरान युवती का पहले पति से तलाक का केस चल रहा था। तलरेजा ने उससे घनिष्ठता बढ़ाई और शादी का प्रस्ताव रखा। उसने युवती को भरोसा दिलाया था कि वह उसकी बेटी का पालन पोषण करेगा जबकि तलरेजा की भी एक बेटी है जो दिव्यांग है। उसने कहा कि मेरा पत्नी से भी संबंध नहीं है और न ही कोई वारिस है। उसने युवती से शारीरिक संबंध बना लिए थे।
बेटी पैदा हुई तो प्रताड़ित किया-करीब साढ़े तीन साल उसे बेटी हुई तो तलरेजा उसे कोसने लगा और कहा कि वह बेटा चाहता था। फिर आए दिन मारपीट करने लगा। कुछ समय बाद युवती फिर गर्भवती हुई तो वह उसे सिलीकॉन सेंटर स्थित डॉ. मुकेश राठौर के सोनोग्राफी सेंटर पर ले गया था। फिर मोबाइल बंद कर भाग गया।

पुलिस ने कहा सिर्फ मां-बच्चे के होंगे सैम्पल
पीड़िता का आरोप है कि पिछले साल जांचकर्ता एसआई कृष्णा ने उन्हें फोन कर डीएनए सैम्पल के लिए बुलाया। इस दौरान पीड़िता और उसके बच्चे के फोटो व दस्तावेज मंगाए। इस पर पीड़िता ने आरोपी तलरेजा का डीएनए की बात पूछी तो उसने साफ मना किया कि सैम्पल तो मां व बच्चे के ही लिए जाएंगे। फिर पुलिस ने टालमटोल शुरू की। आखिरकार पीड़िता ने डीआईजी को शिकायत की तो फिर अगस्त 2020 में तलरेजा, पीड़िता व बच्चे को जिला अस्पताल बुलाया गया। इस दौरान पुलिस कोई गड़बड़ी नहीं करे, इसके लिए पीड़िता ने खुद अपने समक्ष तीनों के न केवल डीएनए सैम्पल करवाए बल्कि उसकी वीडियोग्राफी भी की। आखिरकार परेशान होकर पीड़िता ने सीएम हेल्प लाइन पर शिकायत की तो दो दिन बाद ही उसके पास जूनी इंदौर थाने से फोन आया कि मैडम आपके मामले में डीएनए रिपोर्ट आ गई है, आप ले जाइये। इसके बाद वह जूनी इंदौर थाना टीआई भारतसिंह ठाकुर से मिली तो उसे रिपोर्ट सौंपी गई। इधर, तलरेजा के खिलाफ यौन शोषण का जो मामला कोर्ट में चल रहा है, उसमें 8 फरवरी को उक्त रिपोर्ट कोर्ट में भी पेश कर दी गई है। अब बिल्डर की मुश्किलें बढ़ गई हैं। टीआई के मुताबिक रिपोर्ट के मामले में थाने के दस्तावेजों को देखकर ही बताया जा सकता है।

युवती ने खुद किया था स्टिंग और भण्डाफोड़
खास बात यह कि जब पीड़िता को जब पुलिस की मदद नहीं मिली तो न्याय पाने के लिए उसने डेढ़ साल पहले पीसीएण्डडीटी विभाग की मदद से उक्त सोनोग्राफी सेंटर का स्टिंग कर भंडाफोड़ कर दिया। मामले में डॉ. मुकेश राठौर व अन्य के अलावा तलरेजा पर भी केस दर्ज किया गया था। तब वह 10 दिन जेल में रहा था। इस बीच दबाव-प्रभाव के चलते रेप के मामले में जूनी इंदौर पुलिस ने उसके खिलाफ केस दर्ज नहीं किया। बाद में तत्कालीन डीआईजी रुचिवर्धन मिश्र ने सख्ती बरती तो केस दर्ज किया।

थाने पर रिपोर्ट आने के बाद भी छिपाया गया
इधर, डीएनए सैम्पल लेने के बाद भी पीड़िता को जूनी इंदौर पुलिस द्वारा संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया कि रिपोर्ट कब आएगी। हमेशा यही बताया गया कि इसमें काफी समय लगता है। इस बीच पीड़िता ने अपने स्तर पर रीजनल फोरेंसिक लेबोरेटरी, भोपाल से जानकारी निकाली तो पता चला कि डीएनए रिपोर्ट पुलिस को काफी पहले ही भेजी जा चुकी है। इस पर वह सीएसपी दिशेष अग्रवाल से मिली तो उसे कोर्ट जाने को कहा गया जबकि पीड़िता का कहना है कि रिपोर्ट पहले पुलिस को मिली है तो उसे एसपी ऑफिस जाने को कहा गया।

सैम्पल नष्ट करवाकर फिर दूसरा लिया
पीड़िता के मुताबिक तलरेजा उससे संबंध और बेटी उसकी होने से इनकार कर दूरियां बनाता रहा। इस बीच पीड़िता ने तलरेजा, खुद के और बेटी के डीएनए के लिए चक्कर लगाती रही। फिर पुलिस ने सांठगांठ कर पीड़िता के पहुंचने के पहले ही तलरेजा का सैम्पल लेकर रवाना कर दिया। इसे लेकर पीड़िता ने हंगामा किया और सैम्पल नष्ट कराया। फिर तलरेजा का दूसरा सैम्पल लिया गया था। पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया था कि गर्भस्थ शिशु को लेकर भी तलरेजा ने उसका डीएनए नहीं कराने को लेकर काफी दबाव बनाया और लालच भी दिया। इस दौरान पीड़िता पुलिस अधिकारियों व डॉक्टरों के संपर्क में रही। उन्होंने उसे बताया कि डिलीवरी के बाद ही उसका डीएनए होगा। जनवरी 2020 में पीड़िता ने बेटे को जन्म दिया। इसके बाद से ही वह नवजात, खुद के और तलरेजा के डीएनए सैम्पल लिए जाने को लेकर थाने के चक्कर लगाती रही लेकिन पुलिस ने मदद नहीं की।

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