पिछले 24 घंटे में अमेरिका में 1738 और स्पेन में 440 मौतें

वॉशिंगटन

मौत का सिलसिला जारी अमेरिका में अब मौत का आंकड़ा 46 हजार को पार कर गया है,
जबकि यहां करीब साढ़े 8 लाख लोग कोरोना से संक्रमित

अमेरिका में कोरोना वायरस का कहर लगातार जारी है। यहां पिछले 24 घंटों में 1738 लोगों की मौत और स्पेन में 440 हुई है। अमेरिका में अब मौत का आंकड़ा 46 हजार को पार कर गया है, जबकि यहां करीब साढ़े 8 लाख लोग कोरोना से संक्रमित हैं। इस बीच अमेरिका एक के टॉप मेडिकल ऑफिसर ने कहा है कि इस साल के अंत तक यहां कोरोना का दूसरा दौर आ सकता है।

वहीं स्पेन में अब तक कोविड-19 से 22,157 लोगों की जान जा चुकी है। अमेरिका और इटली के बाद स्पेन दुनिया का तीसरा देश है जहां कोरोना वायरस से बड़ी संख्या में लोगों की मौत हुई है। स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, देश में कोरोना वायरस से संक्रमण के मामले 213,000 से अधिक हैं।

इस बीच न्यूयॉर्क में हालात अब कुछ बेहतर होते दिख रहे हैं। यहां करीब दो हफ्तों के बाद मृतकों की संख्या में अब कमी आती दिख रही है। अब यहां एक दिन में 500 से कम लोगों की जान जा रही है। गवर्नर एंड्र्यू क्यूमो ने कहा कि कोरोना वायरस संक्रमण का ग्राफ घटना शुरू हो चुका है और अस्पताल में भर्ती होने वालों की संख्या भी कम हो रही है। लेकिन देश के दूसरे हिस्सों से लगातार मौत की खबरे आ रही हैं। इटली कोविड-19 से दूसरा सबसे अधिक प्रभावित देश है। यहां 23 हजार 660 लोगों की मौत हुई है। इटली में वायरस संक्रमण के 1 लाख 78 हजार 972 मामले सामने आए हैं। फ्रांस में कोरोना वायरस के संक्रमण से 19 हजार 718 लोगों ने जान गंवाई है। यहां संक्रमण के कुल 1 लाख 52 हजार 894 मामलों की पुष्टि हुई है। ब्रिटेन में 16 हजार 60 लोगों की मौत हुई है। यहां संक्रमण के कुल 1 लाख 20 हजार 67 मामले सामने आए हैं। दुनियाभर में 1,83,424 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है।

इंग्लैंड में सबसे ज्यादा प्रभावित समूहों में भारतीय समुदाय शामिल

ब्रिटेन में भारतीय समुदाय कोरोना वायरस महामारी से सबसे बुरी तरह प्रभावित होने वाले समूहों में शामिल है। इंग्लैंड के अस्पतालों में कोविड-19 की वजह से हुई मौतों के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार यह जानकारी सामने आई है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा (एनएचएस) इंग्लैंड के आंकड़े बताते हैं कि 17 अप्रैल तक अस्पतालों में कोरोना वायरस से मरने वाले 13,918 रोगियों में 16.2 प्रतिशत मरीज अश्वेत समुदाय, एशियाई और अल्पसंख्यक जातीय (बीएएमई) पृष्ठभूमि के थे जिनमें भारतीय मूल के लोगों की संख्या तीन प्रतिशत है। इसके बाद कैरीबियाई समुदाय दूसरा सबसे बड़े प्रभावित जातीय समूह है।

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