लॉकडाउन के चलते एयर इंडिया के 200 कर्मचारियों का कॉन्ट्रैक्ट रद्द

नेहा श्रीवास्तव, इंदौर। 

कोविड-19 महामारी की वजह से सबसे अधिक धक्का एविएशन सेक्टर को लगा है। यही कारण है कि अब एक-एक कर लगातार कई कंपनियों ने अपनी वर्कफोर्स में कटौती करने का ऐलान किया है। एअर इंडिया ने अपने 200 पायलटों के कॉन्ट्रैक्ट को सस्पेंड कर दिया है।

वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, “चूंकि, लगभग सभी प्लेन्स ग्राउंडेड हैं इसलिए पिछले सप्ताह कंपनी की रेवेन्यू में भारी गिरावट आई है। इसी को देखते हुए एयरलाइन ने फैसला किया गया है​ कि जिन कर्मचारियों को रिटायरमेंट के बाद एक बार फिर मौका दिया गया था, उनका कॉन्ट्रैक्ट अस्थााई रूप से कैंसिल कर दिया जाए।”

एअर इंडिया ने इसके पहले भी सभी कर्मचारियों के दिए जाने वाले अलाउंस में 10 फीसदी की कटौती की थी, जिसमें केबिन क्रु भी शामिल है। इस सरकारी विमान कंपनी ने अपने कर्मचारियों की इस अलाउंस में अगले तीन महीनों के लिए कटौती की थी। कोरोना वायरस महामारी की वजह से देश में 21 दिनों के लॉकडाउन चल रहा है, जिसमें सभी गैर-जरूरी सेवाओं को 14 अप्रैल तक बंद कर दिया गया है। केंद्र सरकार के इस कदम के बाद अन्य सेक्टर्स के साथ विमान कंपनियों पर भी बड़ा असर पड़ा है।

वहीं मीडिल ईस्टर्न कैरियर कतर एयरवेज ने भी अपनी कर्मचारी संख्या में 40 फीसदी तक कटौती करने का ऐलान किया है। इस विमान कंपनी द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, हामद इंटरनेशनल एयरपोर्ट के कर्मचारियों की संख्या में 40 फीसदी कटौती की जाएगी। फूड, बेवरेज, रिटेल और ग्राउंड स्टाफ की संख्या में कटौती की जाएगी। कंपनी ने कहा कि पैसेंजर्स की संख्या में कमी होने के बाद कंपनी की रेवेन्यू पर दबाव बढ़ा है।

इसके अलावा, ब्रिटिश एयरवेज ने भी अपने कर्मचारियों की संख्या में 80 फीसदी तक कटौती करने का ऐलान किया है। ब्रिटिश एयरवेज द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, यह विमान कंपनी अपने 36,000 कर्मचारियों को निकालेगी। कोरोना वायरस महामारी फैलने की वजह से दुनियाभर की कई सरकारों ने अपने देश में विमान सेवाओं को कुछ दिन के लिए रोक दिया है। लिहाजा कंपनियों को अपने फ्लाइट्स ग्राउंडेड करने पड़े है और उनके प्रॉफिट पर इसका बुरा असर पड़ा है।

दुनियाभर में कोरोना के अब तक करीब 9 लाख 55 हजार मामले सामने आ चुके हैं और करीब 48 हज़ार लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें से करीब 2 लाख ठीक भी हुए हैं।

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