अस्पताल से आने के 21 दिन बाद कनिका ने अपने इंस्टा पोस्ट पर बताया सच

नेहा श्रीवास्तव, इंदौर।  

कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद सभी के निशाने पर आईं सिंगर कनिका कपूर ने रविवार को अपनी चुप्पी तोड़ी। सोशल मीडिया पर उन्होंने अपना पक्ष रखा। कनिका को कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद पीजीआई में भर्ती किया गया था। वहां से डिस्चार्ज होने के बाद अब जाकर उन्होंने इस मामले में अपना पक्ष रखा है।

अपनी बात रखते हुए सोशल मीडिया पर एक लंबा चौड़ा  पोस्ट लिखा है। इस पोस्ट में कनिका ने बताया मुंबई एयरपोर्ट पर उन्हें होम क्वारंटीन में रहने की भी कोई सलाह नहीं दी गई थी। इतना ही नहीं कनिका ने बताया कि लखनऊ एयरपोर्ट पर भी उनकी किसी तरह की कोई जांच नहीं की गई थी।

कनिका अब क्या लिखा है अपने इस पोस्ट में

कनिका कपूर ने लिखा, “मुझे पता है कि बाहर मेरे बारे में काफी बयान और कहानियां चल रही हैं। मेरे चुप रहने की वजह से इनको और भी बढ़ावा मिला। अब तक मैं शांत थी। इसलिए नहीं कि मैं गलत थी। वास्तव में मुझे अच्छी तरह से पता है कि काफी गलतफहमी थी और मेरे बारे में गलत सूचनाओं का आदान-प्रदान भी हुआ। मैंने सच को सामने आने का समय दिया तथा लोगों को अपने आप वास्तविकता जानने का मौका दिया। मैं अपने परिवार, मित्र और  सपोर्टर को धन्यवाद देना चाहती हूं, जिन्होंने मुझे पूरी तरह से बात करने के लिए तैयार होने तक का मौका दिया।”

कनिका कपूर के लंदन से लौटने के बाद जब ये बात सामने आई थी कि वो कोरोना वायरस का शिकार हैं, तो पुलिस प्रशासन से सोशल मीडिया तक हड़कंप मच गया। सिंगर को जमकर ट्रोल किया गया, यहां तक की उनके खिलाफ एफाईआर दर्ज करवा दी गई थी। 

मुझमें बीमारी का कोई लक्षण नहीं था

उन्होंने आगे अपने पोस्ट में लिखा है कि मैं उम्मीद और प्रार्थना करती हूं कि सभी लोग मौजूदा समय को देखते हुए सुरक्षित और सावधान होंगे। मैं कुछ तथ्य सामने लाना चाहती हूं। वर्तमान में मैं लखनऊ में अपने माता-पिता के साथ घर पर रहकर कुछ अच्छा समय बिता रही हूं। यूके, मुंबई और लखनऊ में जो-जो मेरे संपर्क में आया था, उनमें से किसी में भी संक्रमण के कोई लक्षण नहीं मिले, जांच में भी वे निगेटिव पाए गए।

कनिका ने कहा कि मैं यूके से मुंबई 10 मार्च को आई थी। अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर मेरी स्क्रीनिंग भी हुई थी। उस समय तक इस मामले पर कोई एडवाइजरी जारी नहीं हुई थी। एडवाइजरी 18 मार्च को जारी हुई थी। इसलिए मुझे क्वारंटीन में जाने की कोई जरूरत नहीं थी। मुझमें बीमारी का कोई लक्षण भी नहीं था, इसलिए भी मैंने खुद को क्वारंटीन नहीं किया। 11 मार्च को मैं अपने घर लखनऊ आई। घरेलू फ्लाइट में स्क्रीनिंग की कोई व्यवस्था नहीं थी। 14 और 15 मार्च को मैं दोस्तों और रिश्तेदारों की पार्टी और डिनर में शामिल हुई। इस दौरान मैंने खुद कोई पार्टी नहीं दी और मैं पूरी तरह से सामान्य थी।

डॉक्टर और नर्स को कहा थैंक यू

मैं विशेष रूप से डॉक्टर और नर्स को धन्यवाद देना चाहती हूं, जिन्होंने उस कड़े समय में मेरा ध्यान रखा। मुझे उम्मीद है कि इस मामले में सभी ईमानदारी और संवेदनशीलता बरतेंगे। किसी व्यक्ति पर नकारात्मकता डालने से वास्तविकता नहीं बदलती है।

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