नमाज पढ़ने से रोकने गई पुलिस टीम पर पथराव, 4 जवान घायल

लखीमपुर

लॉकडाउन की अनदेखी असम के लखीमपुर जिले में पुलिस टीम हमला, गांव में भारी पुलिस फोर्स तैनात, मस्जिद के इमाम समेत 12 लोगों पर केस दर्ज

असम के लखीमपुर जिले के एक गांव में लॉकडाउन के दौरान मस्जिद में नमाज पढ़ने से रोकने की कोशिश पर पुलिसकर्मियों पर पथराव किया गया। इसमें चार पुलिसकर्मियों समेत पांच लोग घायल हो गए। पुलिस ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। घटना गुरुवार की रात को हुई जब मस्जिद में एकत्रित होकर नमाज पढ़ने की सूचना मिलने पर नोबोइचा पुलिस चौकी प्रभारी बिस्वजीत नाथ के नेतृत्व में पुलिस का एक दल दक्खिन पन्धोवा गांव पहुंचा। पुलिस को इसके बारे में ग्राम प्रधान से जानकारी मिली थी।

मस्जिद परिसर से बाहर आते ही चारों ओर से बरसने लगे पत्थर

अधिकारी के अनुसार पुलिस टीम वहां पहुंचने के बाद मस्जिद के अंदर इमाम सहित 12 लोगों को पाया। उन्होंने इमाम और अन्य लोगों से इकट्ठा न होने का अनुरोध किया और उन्हें शारीरिक दूरी पर नियमों का पालन करने के लिए कहा। टीम ने एक छोटा बाजार बंद करा दिया जो परिसर में प्रवेश करने से पहले मस्जिद के बगल में चल रहा था। जब टीम मस्जिद परिसर को छोड़ने वाली थी, तब भारी पथराव शुरू हो गया। इस दौरान चार पुलिसकर्मी और ग्राम प्रधान घायल हो गए। पुलिस का वाहन भी क्षतिग्रस्त हो गया और विंडस्क्रीन और साइड की खिड़कियां टूट गईं।

जिला मुख्यालय से 30 किमी दूर हुई घटना

पुलिस ने कहा कि घायल होने वालों में नाथ, असम पुलिस के सिपाही करुणा बुजारबरुआ, सीआईएसएफ के जवान भूमिहार नरजारी और सरोज यादव और ग्राम प्रधान अब्दुल जलील फरशी शामिल हैं। उन्हें तुरंत इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया। उनकी चोटें गंभीर नहीं हैं। वरिष्ठ अधिकारियों ने उस जगह का दौरा किया, जो जिला मुख्यालय से लगभग 30 किलोमीटर दूर है। उन्होंने लोगों से घर में रहने के लिए कहा। गांव में भारी पुलिस तैनाती की गई है। मस्जिद के इमाम सहित 12 लोगों के खिलाफ लखीमपुर पुलिस स्टेशन में प्राथमिकी दर्ज की
गई है और जांच जारी है।

लॉकडाउन का उल्लंघन… घर में नमाज पढ़ने की अपील नहीं मानी

लखीमपुर के पुलिस अधीक्षक राजवीर ने कहा, ‘ ऐसे समय में जब पूरा राज्य लॉकडाउन मानदंडों का पालन कर रहा है, ऐसी घटना अवांछित है और हम इसकी कड़ी निंदा करते हैं। हम दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेंगे। पुलिस ने कहा कि कुछ ग्रामीणों ने रमजान के पवित्र महीने के शुरू होने के बाद से मस्जिद में नमाज अदा करना शुरू कर दिया। ‘ एक अन्य अधिकारी ने कहा, ‘ग्राम प्रधान अब्दुल जलील फ़ारशी और ग्राम रक्षा दल ने उन्हें मस्जिद का दौरा न करने के लिए कई बार कहा और उनसे घरों में नमाज़ अदा करने को कहा। लेकिन किसी ने उनकी बात नहीं सुनी और उन्हें अपमानित करने के साथ-साथ धमकी भी दी गई।’

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