5 महीने की बच्ची 1 महीने रही वेंटिलेटर पर, दी कोरोना को मात

रियो डी जनेरियो

डोम नाम की बच्ची को रियो डी जनेरियो प्रो कॉर्डिको हॉस्पिटल में भर्ती करवाया गया था, हॉस्पिटल में करीब 54 दिनों तक उसका इलाज चला, जिसके बाद ठीक होने पर उसे डिस्चार्ज किया गया

ब्राजील में 5 महीने की बच्ची एक महीने तक वेंटिलेटर पर रहने के बावजूद कोरोना को मात दी है। डॉक्टर इसे चमत्कार से कम नहीं मान रहे हैं। 5 महीने की बच्ची को कोरोना पॉजिटिव पाया गया था। जिसके बाद उसे हॉस्पिटल में भर्ती करवाया गया था। एक रिपोर्ट के मुताबिक बच्ची एक महीने तक कोमा में रही। इसके बावजूद वो बच निकली। बच्ची के माता-पिता ने इसे किसी चमत्कार से कम नहीं माना है। उन्होंने कहा है कि हो सकता है एक रिश्तेदार के यहां जाने के दौरान बच्ची संक्रमण की चपेट में आई हो।

डोम नाम की बच्ची को रियो डी जनेरियो प्रो कॉर्डिको हॉस्पिटल में भर्ती करवाया गया था। हॉस्पिटल में करीब 54 दिनों तक उसका इलाज चला। जिसके बाद ठीक होने पर उसे डिस्चार्ज किया गया है। बच्ची के पिता ने कहा है कि उसकी बच्ची को सांस लेने में तकलीफ हो रही थी।

डॉक्टरों ने शुरुआत में इसे किसी तरह के बैक्टिरियल इंफेक्शन माना। लेकिन इलाज ने काम नहीं किया और उसकी हालत और बुरी हो गई। इसके बाद उन्होंने और उनकी पत्नी ने बच्ची को दूसरे हॉस्पिटल में शिफ्ट किया। वहां बच्ची का कोरोना टेस्ट हुआ। जिसमें वो पॉजिटिव पाई गई। लैटिन अमेरिकी देशों में ब्राजील कोरोना वायरस का केंद्र बनकर उभरा है। 12 महीने के बच्चों की अब तक कोरोना के चलते 25 मौतें हो चुकी हैं। देश की हेल्थ मिनिस्ट्री ने ये डाटा जारी किया है। जॉन हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी के डेटा के मुताबिक ब्राजील में अब तक वायरस संक्रमण के 5 लाख 14 हजार 849 मामले सामने आ चुके हैं। वायरस की चपेट में आकर 29 हजार 300 लोगों ने अपनी जान गंवाई है।

अमेरिका ने ब्राजील को कोरोना के इलाज में भेजी अप्रमाणित मलेरिया की दवा

अमेरिका ने कोविड-19 के उपचार के लिये ब्राजील को मलेरिया की दवा की 20 लाख से ज्यादा खुराक भेजी है जिसे अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कोरोना वायरस से बचाव और उसके इलाज में कारगर बताया है हालांकि, विज्ञान ने अब तक इस दवा के इन परिणामों को प्रमाणित नहीं किया है। अब तक किसी बड़े वैज्ञानिक अध्ययन में हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन दवा को कोविड-19 से बचाव या उसके इलाज के लिए सुरक्षित एवं प्रभावी नहीं पाया गया है और कुछ छोटे अध्ययनों में तो इस दवा के बुरे नतीजे ही देखने को मिले हैं। लातिन अमेरिका में कोरोना वायरस के संक्रमण से सबसे अधिक प्रभावित ब्राजील में वायरस के संक्रमण के मामले लगातार बढ़ रहे हैं । ब्राजील सरकार के साथ रविवार को जारी किए गए संयुक्त बयान में व्हाइट हाउस ने कहा कि अग्रिम मोर्चे पर काम कर रहे स्वास्थ्य कर्मियों के लिए रोगनिरोधक और वायरस से संक्रमित होने वाले लोगों के लिए इलाज के तौर पर हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन की खुराक ब्राजील को भेजी गई हैं।

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