55% अमेरिकियों ने कोरोना से निपटने में ट्रंप को माना नाकाम

वॉशिंगटन

अमेरिका में कोरोना वायरस से निपटने में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप बुरी तरह से फेल रहे हैं। एक ताजा सर्वे में अमेरिकी जनता ने कोरोना वायरस से निपटने में उन्हें नाकाम माना है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के लिए ये बड़ा झटका है। एक रिपोर्ट के मुताबिक एक सर्वे में करीब 55 फीसदी अमेरिकी जनता ने ट्रंप को कोरोना वायरस से निपटने में नाकाम करार दिया है। वहीं अमेरिका में दोबारा स्कूलों को खोले जाने के ट्रंप के फैसले को लोगों ने सिरे से नकार दिया है।

मंगलवार को राष्ट्रपति ट्रंप ने राज्यों के गवर्नर के साथ दोबारा स्कूल खोलने के आयडिया पर बात की थी। लेकिन सर्वे में करीब 85 फीसदी लोगों ने कहा है कि दोबारा स्कूल खोलना गलत आयडिया होगा। सिर्फ 14 फीसदी लोगों ने इसे अच्छा आयडिया माना है। अमेरिका में ज्यादातर राज्यों में स्कूलों को इस पूर वर्ष के लिए बंद किया गया है। सर्वे से पता चलता है कि अमेरिकी जनता ट्रंप को दोबारा देश खोलने के फैसले के साथ नहीं है। अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप जल्दी से जल्दी देश की इकोनॉमी और बिजनेस को खोलना चाहते हैं ताकि देश सामान्य हालात में वापस लौटे। लेकिन संक्रमण के खतरे को देखते हुए अमेरिकी जनता उनके कदम को सही नहीं मान रही है।

सर्वे में करीब 91 फीसदी लोगों ने कहा है कि इस वक्त किसी भी तरह के खेलों का आयोजन या इस तरह की भीड़भाड़ वाला आयोजन एक खराब आयडिया होगा। करीब 80 फीसदी लोगों ने कहा है कि रेस्टोरेंट को खोलना और वहां जाकर खाना फिलहाल ठीक नहीं है। करीब 65 फीसदी लोगों ने कहा है कि इस वक्त काम पर दोबारा लौटना ठीक नहीं है। रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका में ये सर्वे 21 से लेकर 26 अप्रैल के बीच हुआ है। इसमें करीब 1008 अमेरिकी एडल्ट ने हिस्सा लिया है।

सर्वे में मार्जिन ऑफ एरर 3.4 फीसदी रखा गया है। अमेरिका में कुछ राज्यों ने प्रतिबंधों में छूट देनी शुरू कर दी है। फ्लोरिडा में कुछ बीच को दोबारा से खोला गया है।

अमेरिका कोरोना से लड़ने के लिए भारत को देगा और 30 लाख डॉलर

अमेरिकी सरकार ने अपनी सहायता एजेंसी यूएसएआईडी के जरिए भारत को कोरोना वायरस महामारी से लड़ने के लिए अतिरिक्त 30 लाख अमेरिकी डॉलर की सहायता राशि देने की घोषणा की है। इससे पहले छह अप्रैल को यूएसएआईडी ने कोरोना के खिलाफ लड़ाई में 30 लाख अमेरिकी डॉलर की सहायता देने की घोषणा की थी। अपने देश में पहले ही भारी-भरकम पैकेज का ऐलान कर चुके अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप दुनिया के दूसरे देशों के लिए मदद का हाथ लगातार आगे बढ़ा रहे हैं। भारत में अमेरिका के राजदूत केनेथ जस्टर ने कहा कि इस अतिरिक्त सहायता राशि से कोविड-19 के खिलाफ जंग में भारत को सहायता मिलेगी। यह भारत, अमेरिका के बीच साझेदारी एक महत्वपूर्ण उदाहरण है। यूएसआईडी वैश्विक स्तर की मुख्य सहायता एजेंसियों में से एक है।

admin