भारत के 640 जिलों में से 627 कोरोना की चपेट में

लंदन/वॉशिंगटन

भारत में कोरोना संक्रमण के केस बढ़कर अब 10 लाख से भी ज्यादा हो चुके हैं और संक्रमण से मरने वालों की संख्या भी 25 हज़ार से ज्यादा हो गई है। द लैंसेट (लैंसेट ग्लोबल हेल्थ) की एक रिपोर्ट के मुताबिक़, भारत का 98 फ़ीसदी हिस्सा कोरोना वायरस की चपेट में है। अमेरिका के बाद भारत में ही संक्रमण सबसे तेजी से बढ़ रहा है और देश के 640 ज़िलों में से 627 जिले कोरोना वायरस संक्रमण से जूझ रहे हैं। इस रिपोर्ट के मुताबिक, ‘भारत में कोरोना वायरस की स्थिति को संभालने के लिए जिला-स्तर पर योजनाएं बनाने और उन्हें लागू किए जाने की जरूरत है।

इसके साथ ही जो इलाके सबसे अधिक प्रभावित हैं उन पर विशेष तौर से ध्यान दिए जाने और रणनीति बनाकर काम करने की जरुरत है। रिपोर्ट में सलाह दी गई है कि सबसे ज्यादा संक्रमण वाले इलाकों में फिर से लॉकडाउन या अन्य प्रतिबंध लागू करने की जरूरत है। इस रिपोर्ट में भारत सरकार द्वारा जारी आंकड़ों के आधार पर देश के सबसे बुरी तरह प्रभावित इलाक़ों की पहचान की गई है। ये रिपोर्ट संक्रमण के मामले, आबादी और स्वास्थ्य सुविधाओं की मौजूदा हालात को आधार बनाकर तैयार की गई है।

कुरुंग कुमे जिला सबसे सुरक्षित

रिपोर्ट के मुताबिक भारत का अरुणाचल प्रदेश राज्य और वहां का कुरुंग कुमे जिला सबसे कम ख़तरे वाला स्थान है। इसके बाद हरियाणा का पंचकुला जिला है, जहां संक्रमण का खतरा कम है। संक्रमण फैलने का सबसे ज्यादा खतरा मध्य प्रदेश का सतना और बिहार का खगड़िया जिला है। रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत दुनिया का दूसरा सबसे घनी आबादी वाला देश है, ऐसे में यहां कोरोना वायरस के प्रसार और खतरे से इनकार नहीं किया जा सकता है। भारत सरकार के आंकड़ों के मुताबिक, देश में कोरोना के लगभग 80% मामले ऐसे हैं जिनमें लक्षण नज़र नहीं आए। भारत में बाकी देशों के मुकाबले ज्यादा खतरा है।

भारत के नौ राज्यों में बुरी तरह फैला संक्रमण

इस रिपोर्ट के मुताबिक भारत के नौ राज्य- मध्य प्रदेश, बिहार, तेलंगाना, झारखंड, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और गुजरात सबसे बुरी तरह संक्रमण से प्रभावित हैं। । लैंसेट की यह रिपोर्ट सामाजिक-आर्थिक, जनसांख्यिकीय, स्वच्छता, महामारी विज्ञान, स्वास्थ्य प्रणाली जैसे पहलुओं को ध्यान में रखकर बनाई गई है।

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