80 देश आर्थिक मंदी से बचने के लिए लगा रहे हैं गुहार, पूरी दुनिया इसकी चपेट में

नेहा श्रीवास्तव, इंदौर।

कोरोना वायरस संक्रमण और लॉकडाउन से कई देश जूझ रहे हैं। जिसका असर अर्थव्यवस्था पर पड़ा है और बेरोज़गारी का संकट भी अचानक बेतहाशा बढ़ा है।

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ़) की प्रमुख क्रिस्टलिना गोर्गिवा ने शुक्रवार को एक ऑनलाइन प्रेस वार्ता में कहा, “यह स्पष्ट है कि हम मंदी की दौर में प्रवेश कर चुके हैं और ये दौर साल 2009 की मंदी से भी बुरा होगा।”

गोर्गिवा के मुताबिक अच्छी बात यह है कि दुनियाभर के शीर्ष नेताओं ने माना है कि इस संकट से निपटने के लिए सम्मिलित प्रयास ही कारगर साबित होंगे। उन्होंने कहा कि यह स्पष्ट है कि हम आर्थिक मंदी में प्रवेश कर चुके हैं। दुनियाभर की इकोनॉमी एकाएक रुक गई है। उभरते बाजारों को इस संकट से निकलने में कम से कम 2.5 लाख करोड़ डॉलर की मदद की दरकार होगी। दुनिया के 80 देश पहले ही आईएमएफ़ से मदद की गुहार लगा चुके हैं।

देश में कोरोना वायरस का संकट गहराता जा रहा है। ऐसे में जरूरी है कि तमाम नागरिक संयम से काम लें। इस महामारी को हराने के लिए जरूरी है कि सभी नागरिक उन निर्देशों का अवश्य पालन करें जो सरकार और प्रशासन के द्वारा दिये जा रहे हैं। इसमें सबसे अहम खुद को सुरक्षित रखना है।

आईएमएफ की प्रमुख ने कहा कि यद्यपि मंदी में भी रिकवरी संभव है यदि विश्‍व भर में कोरोना वायरस पर काबू पा लिया जाता है। गोर्गिवा ने कहा, “हम 2021 में रिकवरी की उम्‍मीद करते हैं। वास्‍तव में रिकवरी शानदार होगी यदि हम हर जगह वायरस को काबू करने में सफल रहते हैं और तरलता की समस्‍या नहीं होने देते हैं।”

शुक्रवार को देश में 75 नए मामले सामने आए। इसके बाद कोरोना वायरस से पूरे देश में संक्रमित लोगों की संख्या 769 पहुंच गई। अब तक कुल संख्या 873 पहुंच चुकी है। आज सुबह ही केरल में एक शख्स की मौत के बाद मौतों का आंकड़ा 20 हो चुका है। 

अब तक पूरी दुनिया में करीब 6 लाख लोग संक्रमित हो चुके हैं और लगभग 27 हजार लोगों की मौत हो चुकी है। अमेरिका में कोरोना वायरस का संक्रमण 1 लाख से भी अधिक लोगों में फैल चुका है और करीब 1700 लोगों की मौत हो चुकी है। संक्रमण के मामले में अमेरिका सबसे ऊपर है। वहीं मौतों को देखा जाए तो इटली में सबसे अधिक मौतें हुई हैं।

admin