देपसांग में 2000 में बन गया था चीनी ठिकाना!

नई दिल्ली

सेटलाइट इमेज में दावा

लद्दाख में जारी सीमा विवाद में देपसांग में भी गतिरोध बना हुआ है। यहां चीनी सैनिकों ने पट्रोलिंग पॉइंट 10, 11, 12 और 13 पर भारतीय सेना की पेट्रोलिंग रोकना जारी रखा है। इन चारों पॉइंट्स पर इंडियन आर्मी परंपरागत तौर पर पट्रोलिंग करती आई है।
गलवान के उत्तर में स्थित देपसांग रणनीतिक तौर पर बहुत ही महत्वपूर्ण है। इसकी वजह यह है कि यह काराकोरम दर्रे से सटे रणनीतिक तौर पर अहम दौलत बेग ओल्डी पर भारत के पोस्ट के करीब है। मंगलवार को दोनों देशों की कमांडर स्तर की बैठक के विफल होने का कारण देपसांग और पैंगोग सो से चीनी सेना का पीछे हटने से इंकार करना था। इस संबंध में दावा किया गया है कि देपसांग इलाके में चीन ने 2000 में ही अपना सैन्य ठिकाना बना लिया था। ओपन सोर्स इंटेलिजेंस @detresfa का सैटेलाइट तस्वीरें के आधार पर दावा है कि इस इलाके में चीनी सेना ने आज से 20 साल पहले ही अपना बेस बना लिया था। देपसांग इलाके में चीन ने 2013 में भी घुसपैठ की थी। तब भारतीय सेना ने चीन को पीछे खदेड़ दिया था।

ओपन सोर्स इंटेलिजेंस @detresfa ने भौगोलिक जानकारी वाली कंपनी ESRI की सैटेलाइट तस्वीर साझा करते हुए लिखा है कि 2004 में भी इस इलाके में चीनी सेना के बेस देखे गए थे। जिसके बाद इसी इलाके में 2010 में भी चीनी सेना की गतिविधियां दिखाई दी थी।

इसलिए महत्वपूर्ण है देपसांग

गलवान के उत्तर में स्थित देपसांग रणनीतिक तौर पर बहुत ही महत्वपूर्ण है। इसकी वजह यह है कि यह काराकोरम दर्रे से सटे रणनीतिक तौर पर अहम दौलत बेग ओल्डी पर भारत के पोस्ट के करीब है।

admin