सोनिया की एक प्याली चाय खत्म कर सकती है संकट

जयपुर/नई दिल्ली

राजस्थान में मचे सियासी घमासान पर पूर्व राज्यपाल ने 10 जनपथ को सुझाया फॉर्मूला

राजस्थान में सियासी संकट के 17वें दिन राज्य की पूर्व गवर्नर और वरिष्ठ कांग्रेस नेता मार्ग्रेट अल्वा ने इसे खत्म करने का एक फॉर्मूला सुझाया। उन्होंने एक चैनल से बातचीत में कहा कि अगर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी दोनों नेताओं (अशोक गहलोत और सचिन पायलट) को एक प्याली चाय पिलाने के लिए 10 जनपथ बुला लें तो दोनों के बीच की सियासी कड़वाहट दूर हो सकती है। साथ ही राज्य का सियासी संकट भी खत्म हो सकता है।

अल्वा ने कहा कि सोनिया अपने सरकारी आवास पर दोनों नेताओं को बुलाकर विवाद का समाधान कर सकती हैं। उन्होंने सचिन पायलट को कांग्रेस का एक जुझारू और उभरता हुआ युवा सितारा बताया। अल्वा ने कहा, “कांगेस के अंदर कोई नहीं चाहता कि पायलट पार्टी छोड़कर जाएं। ये युवा नेता उस टीम में शामिल होने वाले थे जिसे राहुल गांधी बना रहे थे। पार्टी के निर्णय प्रक्रिया में हाईकमान को युवा नेताओं को भी समायोजित करने के तरीके खोजने होंगे।

‘मास्टर’ के दबाव में हैं राज्यपाल

कांग्रेस ने राज्यपाल कलराज मिश्र पर दबाव बढ़ा दिया है। पार्टी प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने राज्यपाल पर आरोप लगाया कि वह पक्षपाती ढंग से काम कर रहे हैं और केंद्र में बैठे अपने ‘मास्टर्स’ की बात हू-ब-हू मान रहे हैं। सिंघवी ने कहा कि सरकार की सलाह से कोई भी फैसला करने को राज्यपाल बाध्य होते हैं, लेकिन राजस्थान के राज्यपाल केंद्र में बैठे अपने मास्टर्स की आवाज सुन रहे हैं।

अशोक गहलोत सरकार ने विधानसभा सत्र बुलाने को लेकर नया प्रस्ताव राज्यपाल कलराज मिश्र के पास भेजा है। इसमें 31 जुलाई से विधानसभा सत्र बुलाने की बात कही गई है। नए प्रस्ताव में फ्लोर टेस्ट का जिक्र नहीं है। इसमें कोरोना वायरस की स्थिति पर चर्चा की बात कही गई है। कोरोना के साथ-साथ दूसरे विधेयकों पर भी चर्चा का जिक्र किया गया है। मंत्रिमंडल ने शनिवार को राज्यपाल को भेजे जाने वाले संशोधित प्रस्ताव को मंजूरी दी, जिसके बाद रविवार को इसे राज्यपाल के पास भेज दिया गया।

 

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