धर्म के नाम पर चल रही उठा पटक के बीच मुस्लिम व्यक्ति ने मंदिर के लिए जुटाए 3 लाख रुपए

विभव देव शुक्ला

देश में फिलहाल धर्म के इर्द गिर्द शुरू होने वाली बहसों और घटने वाली घटनाओं का स्वभाव बेहद संवदनशील हो चुका है। धर्म के रास्ते पर निकलने से पहले हर किसी को कई बार सोचना पड़ता है क्योंकि हालात कब किस ओर करवट लेंगे इसका कोई भरोसा नहीं। लेकिन तमाम विपरीत घटनाओं के बीच कुछ घटनाएँ ऐसी भी होती हैं जिनके बारे में किसी के लिए सोचना तक मुश्किल होता है।

हिन्दू दोस्त के लिए उठाया ज़िम्मा
ऐसी घटनाएँ अच्छाई और बुराई से बिलकुल परे होती हैं लेकिन ऐसी घटनाओं का होना बेहद ज़रूरी है। कुछ ऐसा ही हुआ गुजरात के भरूच ज़िले में जहाँ एक मुस्लिम व्यक्ति ने अपने हिन्दू दोस्त को मंदिर बनवाने के लिए लाखों रुपए की सहायता प्रदान की। अब्दुलखुदा मोहम्मद हनीफ शेख तमिलनाडु के डिंडीगुल ज़िले के पराईपट्टी गाँव के रहने वाले हैं लेकिन पिछले कुछ सालों से गुजरात के भरूच ज़िले के पीरमन गाँव में रहते हैं।

साथ मिल कर गए घर-घर
हनीफ जी के पुराने दोस्त हैं विजय कुमार और वह पराईपट्टी में मंदिर बनवाने की तैयारियां कर रहे थे। कुछ रुपए कम पड़े तभी उन्होंने हनीफ जी से मदद मांगी और वह मदद के लिए तुरंत तैयार हो गए। समाचार एजेंसी से बात करते हुए विजय कुमार ने कहा मैंने अपने दोस्त (हनीफ) से मदद मांगी थी।
मैं गुजरात में लगभग 10 दिन रुका और उनके साथ जगह-जगह जाकर मंदिर के लिए आर्थिक मदद मांगी। हमने साथ मिल कर अभी तक कुल 3 लाख रुपए इकट्ठा कर लिए हैं, इस गाँव में कोई भी व्यक्ति बतौर हिन्दू या मुसलमान नहीं रहता है। गाँव के तमाम लोग आपस में दोस्त की तरह ही रहते हैं। इसलिए इतनी बड़ी ज़रूरत के बावजूद हमें परेशान नहीं होना पड़ा।

महज़ 10 दिन में इकट्ठा किए इतने रुपए
इसके बाद अब्दुलखुदा मोहम्मद हनीफ शेख ने भी मीडिया वालों से इस बारे में बात की। बात करते हुए उन्होंने कहा मेरे दोस्तों ने लगभग 4 महीने पहले ही मुझे इस बारे में बता दिया था और वह यहाँ पर लगभग 10 दिन पहले आ गए थे। वापी से लेकर मेहसना तक तमाम मद्रासी परिवार रहते हैं।
यहाँ तक कि गाँवों में भी तमाम परिवार रहते हैं। मैं खुद उन परिवार के लोगों से मिलने गया और रुपए इकट्ठा किए, धीरे-धीरे हमने 3 लाख रुपए इकट्ठा कर लिए हैं। हम इस गाँव में हिन्दू मुस्लिम की तरह नहीं बल्कि प्रेम और भाईचारे के साथ रहते हैं।

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