शिन्चेऑन्जी चर्च के बाद अब तबलीगी जमात भारत को करना होगा कोरिया जैसा इलाज

नई दिल्ली

ये कैसी बेशर्मी…. कोरोना महासंकट के बीच मुसलमानों के तबलीगी जमात की लापरवाही हैरान करने वाली है, इज्तिमा में शामिल 10 लोगों की मौत और 24 लोगों में संक्रमण की पुष्टि

दुनियाभर में इस्लाम का प्रचार करने वाली धार्मिक संस्था तबलीगी जमात के इज्तिमा से भारत, पाकिस्तान, मलेशिया समेत एशिया के कई देशों में हड़कंप मच गया है। दिल्ली में आयोजित इस इज्तिमा में शामिल 10 लोगों की मौत हो गई है और 24 लोगों में संक्रमण की पुष्टि हुई है। दक्षिण कोरिया के चर्च के बाद अब तबलीगी जमात, एक बार फिर से कोरोना से जंग में बड़ी समस्या बनकर सामने आया है। भारत को इसके लिए दक्षिण कोरिया की राह पर चलते हुए कड़े कदम उठाने होंगे, तभी देश कोरोना से जंग जीत सकेगा।

दक्षिण कोरिया के शिन्चेऑन्जी चर्च के बाद अब एक बार फिर से कट्टर धार्मिक समूह दुनियाभर में महामारी बन चुके कोरोना वायरस से जंग में बड़ा रोड़ा बनते जा रहे हैं। दक्षिण कोरिया में कोरोना वायरस से संक्रमण के 9,786 मामले सामने आए हैं। इनमें बड़ी संख्या में ऐसे लोग हैं जो शिन्चेऑन्जी चर्च के अनुयायी हैं। कोरियाई प्रशासन का कहना है कि देश के दक्षिणी शहर डाएगू में बेहद रहस्यमयी समझे जाने वाले शिन्चेऑन्जी चर्च के सदस्यों में एक-दूसरे के जरिए कोरोना वायरस फैलता गया। फिर धीरे-धीरे देश के दूसरे हिस्सों में भी इसका असर होने लगा। इस तरह शिन्चेऑन्जी चर्च से होकर कोरोना वायरस पूरे देश में फैल गया। चर्च से कोरोना के फैलने की जानकारी मिलने के बाद अधिकारियों ने बिना देरी किए वहां इमरजेंसी लगा दी। यही नहीं सरकार ने चर्च के कोरोना पीड़ित सदस्यों को ट्रैक करने के लिए युद्धस्तर पर अभियान चलाया।

लापरवाही के चेहरे

दिल्ली के निजामुद्दीन स्थित तबलीगी मरकज केंद्र से मंगलवार को भी बड़ी संख्या में जमातियों को बाहर निकाला गया। इन्हें राजधानी के विभिन्न अस्पतालों में भेजकर क्वारंटाइन किया गया।

चर्च के सभी दो लाख 30 हज़ार सदस्यों के बयान लिए गए। इनमें से करीब 9000 ने बताया कि उनमें कोरोना वायरस के लक्षण दिख रहे हैं। इसके बाद बड़े पैमाने पर पूरे देश में कोरोना का टेस्ट किया गया और पॉजिटिव पाए जाने पर उन्हें अलग-थलग कर इलाज शुरू किया गया। इतना ही नहीं दक्षिण कोरिया ने अत्याधुनिक तकनीक का भी बेहतर इस्तेमाल किया और क्वारंटाइन मे भेजे गए लोगों के फोन में एक मोबाइल एप्लीकेशन डाला। इससे सरकारी अधिकारियों को उस व्यक्ति की गतिविधि पर नजर रखने में मदद मिली। दक्षिण कोरिया की सरकार ने अब कोरोना वायरस के प्रसार और पीड़ितों के नाम छिपाने पर पर चर्च के प्रमुख ली मन और 11 अन्य के खिलाफ मामला दर्ज करके जांच शुरू की है।

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