युवा, बुज़ुर्ग के बाद अब बच्चों पर भी हो रहा है देशद्रोह का केस दर्ज़

नेहा श्रीवास्तव, इंदौर। हर जगह सीएए को लेकर बवाल मचा हुआ है वहीं युवाओं से लेकर बुजुर्गों के खिलाफ़ तमाम केस दर्ज़ हो रहे हैं। इसी बीच एक ख़बर के मुताबिक चौथी क्लास के बच्चों के खिलाफ़ भी केस दर्ज़ किया गया है।

कर्नाटक के शहर बीदर में रविवार को नागरिकता संशोधन कानून और एनआरसी के खिलाफ एक स्कूल में स्टूडेंट्स ने नाटक का आयोजन किया। इसके बाद राज्य पुलिस ने स्कूल प्रशासन के खिलाफ राजद्रोह का केस दर्ज किया गया है।

अंग्रेजी अख़बार इंडियन एक्सप्रेस में छपी ख़बर के मुताबिक़ पुलिस ने इस मामले में स्थानीय सोशल एक्टिविस्ट नीलेश रक्षयाल की शिकायत पर बच्चों और स्कूल प्रबंधकों के ख़िलाफ़ आईपीसी की धारा-124A और 504 के तहत केस दर्ज किया है। वहीं स्कूल की ओर से बताया गया है कि ये नाटक कक्षा चार के बच्चों की ओर से देश की वर्तमान हालत को बयां करते हुए बनाया गया था।

शाहीन एजुकेशन इंस्टीट्यूट के खिलाफ आईपीसी की धारा 124(ए) (राजद्रोह), 504 (शांति व्यवस्था के खिलाफ भड़काना), 505 (2) (शत्रुता को बढ़ावा देने वाले बयान), 153ए (सांप्रदायिक नफरत को बढ़ावा देना) और 34 के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया है। एफआईआर में आरोपियों के तौर पर स्कूल के प्रमुख और मैनेजमेंट का नाम शामिल है।

इसके अलावा मोहम्मद युसुफ रहीम पर इस नाटक का वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर करने के लिए केस दर्ज किया गया है। स्कूल में हुए इस नाटक के बारे में एक सोशल वर्कर नीलेश रक्षयाल ने पुलिस में शिकायत की। उन्होंने अपनी शिकायत में कहा, इस नाटक को जिस तरह किया गया और बाद में इसे जैसे सोशल मीडिया पर शेयर किया गया, उस कारण समाज की शांति व्यवस्था भंग हो सकती है।

शिकायत में कहा गया कि संस्थान के छोटे बच्चों को नाटक मंचित करने के लिए इस्तेमाल किया गया था, इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इमेज को गलत तरीके से पेश किया गया। इस नाटक ने यह भी संदेश दिया कि यदि सीएए और एनआरसी को लागू किया गया तो एक समुदाय के लोगों को देश छोड़ना होगा।

शिकायतकर्ता ने स्कूल प्रशासन और रहीम के खिलाफ सख्त कार्रवाई की की मांग की है। ये स्कूल उत्तरी कर्नाटक के बीदर में गुरुनानक कॉलोनी में मौज़ूद है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, ये खबर सामने आने के बाद अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने स्कूल के खिलाफ प्रदर्शन किया और राज्य के गृहमंत्री को इसके विरोध में ज्ञापन सौंपा है।

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