अलर्ट! नई सूची में कोरोना के संक्रमण की चपेट में आने वाले 50 फीसदी युवा

संतोष शितोले | इंदौर

एनआईबी और एमजीएम की रिपोर्ट्स में चौंकाने वाले तथ्य | 201 पॉजिटिव में से 98 युवा 30 साल से कम उम्र के

शहर में कोरोना का कहर जारी है। अब तक 700 से ज्यादा मरीजों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है जबकि 39 लोगों की मौत हो चुकी है। पिछले हफ्ते तक 40 साल से ज्यादा उम्र के लोग कोरोना की चपेट में आए थे, लेकिन बुधवार को जो दो रिपोर्ट्स जारी हुई हैं उसमें इस बार स्थितियां विपरीत हैं। इसमें चौंकाने वाली बात यह है कि 201 पॉजिटिव मरीजों में से 92 लोग महज 30 साल की उम्र से कम हैं।

बुधवार को एमजीएम मेडिकल कॉलेज की वायरोलॉजी लैब की रिपोर्ट में 179 में से 76 पॉजिटिव पाए गए। ऐसे ही नेशनल इंस्ट्टिूयूट ऑफ बॉयोलॉजिक्स, नई दिल्ली (एनआईबी) की रिपोर्ट में 403 में से 125 पॉजिटिव पाए गए। इस तरह कुल 201 पॉजिटिव पाए गए। इनमें से 92 लोग ऐसे हैं जिनकी उम्र 30 साल से कम हैं। दूसरी ओर एनआईबी ने 15 संभावित पॉजिटिव की सूची भी जारी की है जिसमें भी 6 की उम्र 30 से कम है। यानी 216 में से 98 पॉजिटिव युवा हैं। खास बात यह कि सूची में जो पते दिए हैं उसके अनुसार ये 30 साल से कम उम्र के युवा अति संक्रमित क्षेत्रों से हैं।

इनमें 12 लोग कड़ावघाट, 3 आजाद नगर, 5 पल्हर नगर, 4 उषागंज, 8 राजीव नगर (खजराना), 6 मदीना नगर, 3 मोती तबेला, 4 ग्रीन पार्क कॉलोनी, 6 चंदन नगर व बाकी अन्य क्षेत्रों के हैं। इसके अलावा खण्डवा, खरगोन, मंदसौर, धार, रतलाम, देवास आदि भी शहरों में भी कम उम्र के पॉजिटिव पाए गए हैं।

शहर में बुजुर्गों के साथ अब युवा भी आने लगे

कोविड-19 के इलाज से जुटे डॉक्टर कई बार दोहरा चुके हैं कि खतरनाक इस वायरस को बुजुर्ग लोगों को बचाना बहुत जरूरी है। दरअसल अधिकांश बुजुर्ग ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, किडनी, निमोनिया से ग्रस्त होते हैं। ऐसे में इनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता काफी कम हो जाती है। यही कारण है कि कई बुजुर्गों को कई बिमारियां होते हुए भी मौत का कारण कोरोना ही रहा।

15 साल से कम उम्र के 15 रिपोर्ट निगेटिव आई तो छुट्‌टी

एक अहम पहलू यह कि इनमें भी 15 लोग तो ऐेसे हैं जिनकी उम्र डेढ़ साल से लेकर 15 साल तक के हैं। जाहिर है कि अल्प आयु के ये लोग नजदीकी परिवार के लोगों के संपर्क में आने के कारण ही संक्रमित हुए हैं। इन सभी का अभी इलाज चल रहा है। दो नेगेटिव रिपोर्ट आने के बाद ही ये डिस्चार्ज हो सकेंगे।

हिदायतों व कर्फ्यू की अनदेखी भी एक कारण

डॉक्टरों के मुताबिक 30 साल के उम्र के इन युवाओं की कोई ट्रेवल हिस्ट्री नहीं मिली। संभव है कि वे किसी संक्रमित के संपर्क में आए। इसके पीछे कारण सोशल डिस्टेंसिंग और कर्फ्यू का पालन करना नहीं हो सकता है। ये लोग एक-दूसरे के संपर्क में आते रहे और खुले में घूमने से एयर वायरस भी बीमारी का वाहक हो सकता है।

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