अमेरिका ने एक हजार से अधिक चीनी छात्रों का वीजा किया रद्द

वाशिंगटन

बड़ा प्रतिबंध अमेरिका ने सुरक्षा के मद्देनजर उठाया सख्त कदम, चीन बोला- यह कार्रवाई मानवाधिकारों का उल्लंघन

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश के तहत 1000 से अधिक चीनी छात्रों और शोधकर्ताओं का अमेरिकी वीजा रद्द कर दिया है। सुरक्षा के खतरे के मद्दनेजर यह कदम उठाए जाने की बात कही गई है। उधर, चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिझियान ने अमेरिका के कदम को राजनीतिक उत्पीड़न और नस्ली भेदभाव बताया है। कार्रवाई को मानवाधिकारों का उल्लंघन बताते हुए चीन ने जवाबी कार्रवाई की भी बात कही है।

बता दें कि अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने मई के महीने में कुछ चीनी छात्रों और शोधकर्ताओं के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया था। उसके बाद अमेरिकी सरकार द्वारा दी गई यह पहली आधिकारिक संख्या है। उस समय चीनी छात्रों पर प्रतिबंध लगाते हुए ट्रंप ने कहा था कि उनका इस्तेमाल संवेदनशील अमेरिकी तकनीक और इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी को हासिल करने के लिए हो रहा है। विदेश मंत्रालय के होमलैंड सिक्योरिटी की कार्यकारी प्रमुख चेड वोल्फ ने कहा कि अमेरिका ने चीन के खुफिया विभाग अथवा पीपुल्स लिबरेशन आर्मी से संबद्ध शैक्षणिक संस्थानों से जुड़े स्नातक छात्रों और शोधार्थियों के वीजा रद करने के महीनों पुराने प्रस्ताव पर विचार करते हुए यह फैसला लिया है। माना जाता है कि ये लोग जासूसी या बौद्धिक संपदा की चोरी जैसे खतरा पैदा कर सकते हैं।

ट्रंप चीन पर लगाते रहे हैं कई गंभीर आरोप | अमेरिका चीन पर एक यूनिवर्सिटी की कोविड-19 की रिसर्च चुराने की कोशिश का आरोप भी लगा चुका है और उसका कहना है कि देश में चीनी सरकार द्वारा जासूसी के मामले भी बढ़े हैं। ट्रंप अपने चुनाव अभियान में भी चीन पर कई गंभीर आरोप लगाते आए हैं। वे कोरोना वायरस को रोकने में चीन की भूमिका पर गंभीर सवाल उठा चुके हैं। ट्रंप कई बार अपने भाषणों में कोरोना वायरस को “चीनी वायरस” तक कह चुके हैं।

चीन से वैध छात्रों और विद्वानों का स्वागत करना जारी रखेंगे

दूसरी ओर वीजा रद्द किए जाने पर अमेरिकी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता ने कहा, “हम चीन से वैध छात्रों और विद्वानों का स्वागत करना जारी रखेंगे, जो चीनी कम्युनिस्ट पाट के सैन्य प्रभुत्व के लक्ष्यों को आगे नहीं बढ़ाते हैं।” विदेश मंत्रालय ने यह जानकारी साझा नहीं की कि किन लोगों के वीजा रद्द किए गए हैं. हालांकि, समाचार एजेंसी रॉयटर्स को अमेरिकी यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाले कई चीनी छात्रों ने बताया है कि उन्हें नोटिस मिला जिसमें कहा गया है कि उनके वीजा रद्द हो चुके हैं।

3 करोड़ 60 लाख चीनी नागरिक यूएस में करते हैं अध्ययन

रिपोर्ट के मुताबिक, राष्ट्रपति ट्रंप की घोषणा 10043 के अधीन पाए गए एक हजार से अधिक वीजा निरस्त किए गए हैं। यह आंकड़ा आठ सितंबर 2020 तक का है। फिलहाल अमेरिका में कुल 3,60,000 चीनी नागरिक अध्ययन करते हैं। नि:संदेह यह चीनी छात्र अमेरिकी कॉलेजों के लिए महत्वपूर्ण राजस्व लाते हैं। हालांकि कोरोना महामारी ने अमेरिका में उनकी वापसी को गंभीर रूप से बाधित किया है। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि वीजा रद्द करना कुछ ही छात्रों को प्रभावित करता है। गौरतलब है अमेरिका में उच्च शिक्षा हासिल करने वाले छात्र सबसे अधिक चीन उसके बाद भारत, दक्षिण कोरिया, सऊदी अरब और कनाडा से आते हैं।

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