अमेरिका में कोरोना से एक दिन में सबसे ज्यादा 540 मौतें

न्यूयॉर्क

कोरोना का कहर… अमेरिका में अब तक 174000 से ज्यादा लोग संक्रमित हुए हैं और 3400 से ज्यादा की मौत हो चुकी है, वहीं दुनिया में मौतों का आंकड़ा करीब 40000 पहुंच गया

कोरोना वायरस की त्रासदी के आगे सुपरपावर अमेरिका बेहद पस्त नजर आ रहा है। यहां सबसे ज्यादा इन्फेक्शन के मामले तो सामने आ ही चुके हैं, सोमवार को एक दिन में 540 लोगों की मौत हो गई जो यहां अब तक की सबसे ज्यादा संख्या रही। वहीं मंगलवार को 270 से ज्यादा मौत (यह आकड़ें 31 मार्च रात 10 बजे तक के हैं।) हो चुकी है। अमेरिका में अब तक 174000 से ज्यादा लोग संक्रमित हैं और 3400 से ज्यादा की मौत हो चुकी है। वहीं अमेरिका में सबसे ज्यादा प्रभावित न्यूयॉर्क सिटी में अस्पतालों में कोरोना वायरस के मरीजों की बढ़ती भीड़ के बीच डॉक्टर अगले कुछ दिन में पैदा होने वाले खराब हालात का सामना करने की तैयारी कर रहे हैं। हालांकि, उन्हें उम्मीद हैं कि ऐसी स्थिति ना आन पड़े कि उन्हें चुनना पड़े कि किस रोगी का इलाज पहले किया जाना चाहिए।

अब तक 10 लाख लोगों का वायरस टेस्ट

कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए इन दिनों अमेरिका में युद्ध स्तरर पर काम किया जा रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान बताया, ‘आज, हम कोरोनो वायरस के खिलाफ अपने युद्ध में एक ऐतिहासिक मील के पत्थर पर पहुंचे हैं। एक मिलियन (10 लाख) से अधिक अमेरिकियों का अब तक परीक्षण किया जा चुका है, जो अब तक किसी भी अन्य देश द्वारा किए गए परीक्षण से ज्यादा है।

जा सकती हैं दो लाख जानें : विशेषज्ञ

अमरीकी सरकार में संक्रामक बीमारी के विशेषज्ञ डॉ एंथोनी फाउची पहले ही चेतावनी दी है कि अमरीका में कोरोना वायरस एक से दो लाख लोगों की जान ले सकता है। अमरीकी राष्ट्रपति ट्रंप ने यहां तक कह दिया है कि अगर अमरीका कोरोना वायरस से होने वाली मौतों को एक लाख तक भी रोक लिया तो बड़ी उपलब्धि होगी। अमरीका में फ़िलहाल दुनिया के सबसे अधिक कोरोना वायरस संक्रमित लोग हैं।

अमेरिका की भारत से गुहार, दवा आपूर्ति जारी रखें

लॉस एंजेल्स। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने भारत सरकार से अनुरोध किया है कि कोरोना वायरस के मद्देनजर वह अमेरिका को दवाओं की आपूर्ति जारी रखे। भारत ने गत बुधवार को घरेलू जरूरतों और देश भर में लॉकडाउन के मद्देनजर जेनेरिक दवाओं के निर्यात पर रोक लगा दी थी। भारत जेनेरिक दवाओं के उत्पादन और इसके फ़र्मूलेशन में दुनिया भर में अग्रणी है। अमेरिकी विदेश विभाग के एक प्रवक्ता ने भारत सरकार के अधिकारियों से बातचीत में कहा है कि उन्होंने दवाओं के निर्यात में अन्यान्य देशों के साथ अमेरिका पर भी जो प्रतिबंध लगाया है, उसमें अमेरिका को विशेष छूट प्रदान करे। अमेरिका में कोरोना वायरस के उपचार में एचसीक्यूएस और मलेरिया की क्लोरोक्वीन दवाएं खुल कर दी जा रही हैं। इन दोनों दवाओं को मिलाकर कोरोना मरीजों को दिए जाने से यहां बेहतर परिणाम सामने आ रहे हैं। इन दोनों दवाओं के योग के लिए ट्रंप ने भी खुद प्रेस कांफ्रेंस में जोर दिया था।

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