सीमा पर बढ़ते तनाव के बीच बीजिंग का ये बैंक भारत को दे रहा करोड़ों का लोन, ये है वजह

नेहा श्रीवास्तव, इंदौर।

चीन-भारत में जारी तनाव के बीच बीजिंग समर्थित एशियन इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट बैंक ने भारत के लिए 75 करोड़ डॉलर (करीब 5700 करोड़ रुपये) का लोन मंजूर किया है।

सीमा पर भारत और चीन के बीच तनाव बढ़ता ही जा रहा है। मंगलवार को तो विवाद इतना बढ़ा कि हिंसक झड़प तक हो गई, जिसमें 20 भारतीय सैनिक शहीद हो गए। लेकिन इन बीच में लोन मंजूरी वाली खबर वाकई हैरान करने वाली है।

कमजोर तबके के सहायता के लिए लोन मंजूर किया है

एआईआईबी ने बुधवार को कहा है कि उसने भारत को कोरोना वायरस की लड़ाई में कमजोर तबके को सहायता देने के लिए लोन मंजूर किया है। एशियन डेवलपमेंट बैंक द्वारा को-फाइनेंस्ड इस प्रोजेक्ट का लक्ष्य कारोबारियों को आर्थिक सहायता देना, सामाजिक सुरक्षा नेटवर्क को मजबूती देना और हेल्थकेयर में सुधार करना है।

एआईआईबी के पास नीति आधारित फाइनेंसिंग के लिए जरूरी साधन नहीं है। यह विश्व बैंक या एशियाई विकास बैंक की मदद से परियोजनाओं के माध्यम से अपने सदस्य देशों को सपोर्ट करने के लिए सीआरएफ के तहत इस तरह के फाइनेंसिंग का विस्तार कर रहा है।

लोग अब इस महामारी का असर महसूस करने लगे हैं

वहीं एआईआईबी के वाइस प्रेसिडेंट डीजे पांडियन ने कहा, “दुनिया के कई कम या मध्यम आय वर्ग के देश अब भी इस संकट से निपटने के शुरुआती चरण में हैं और वे इस महामारी का असर महसूस करने लगे हैं।”

उन्होंने कहा कि इस मदद से यह सुनिश्चित होगा कि भारत ऐसी आर्थिक गतिविधियां चला सके जिससे उत्पादक क्षमता को लांग टर्म नुकसान न होने पाए।

इससे पहले 50 करोड़ डॉलर का लोन मंजूर किया था

इसके पहले मई महीने में भी एआईआईबी ने भारत के लिए 50 करोड़ डॉलर का लोन मंजूर किया था। एआईआईबी ने यह घोषणा की है कि वह सार्वजनिक और निजी क्षेत्र को कोरोना वायरस के संक्रमण से निपटने के लिए 10 अरब डॉलर तक की फंडिंग करेगा। भारत को एआईआईबी ने अब तक कुल 3.6 अरब डॉलर का लोन दे रखा है।

भारत महामारी की चपेट में है। यहां लगभग 27 करोड़ लोग गरीबी रेखा से नीचे रहते हैं। लगभग 81 करोड़ लोग घनी आबादी वाली बस्तियों में रहते हैं, जहां स्वास्थ्य सेवाओं की सीमित पहुंच है। आर्थिक गतिविधियों में अड़चन से गरीब परिवारों, विशेष रूप से महिलाओं पर असर पड़ने का खतरा है, जिनमें से कई असंगठित सेक्टर में कार्य करते हैं।

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