एक और शख्स की ज़िंदगी ने भुखमरी के सामने दम तोड़ दिया

विभव देव शुक्ला

हमारे देश में गरीबी और भुखमरी को लेकर भले तमाम तरह के दावे किए जाते हैं लेकिन जब भी इनसे जुड़े मामले सामने आते हैं तब सारे दावे धरे के धरे रह जाते हैं। समाज में भुखमरी के हालात की तस्वीर पेश करती एक ऐसी ही घटना हुई है झारखंड के बोकारो में। यहाँ एक 42 साल के शख्स की मौत भुखमरी के चलते हो गई।

भुखमरी के चलते मौत
42 साल के भुखल घासी अपनी पत्नी के साथ झारखंड के बोकारो में रहते हैं। 7 मार्च को 42 साल के भुखल घासी की भुखमरी के चलते मौत हो गई। इसके बाद बोकारो के उप-आयुक्त ने मीडिया वालों से बात करते हुए घटना के बारे में पूरी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि भुखल को एनीमिया था और उनके घर में भी वह चिकित्सकों की निगरानी में थे।
कुछ दिन पहले तक वह बैंगलोर में काम करते थे लेकिन 6 महीने पहले तबीयत ज़्यादा खराब होने के चलते वापस आ गए थे। उनकी मौत ऐसी बीमारी के चलते हुई है जिससे वह लंबे समय से परेशान थे। इसके बाद उप आयुक्त ने बताया कि पूरा परिवार एनीमिया से पीड़ित था और सभी लोगों को यह परेशानी काफी लंबे समय से थी।

दिया जाएगा योजना का लाभ
इसके बाद उन्होंने कहा हमने फिलहाल इलाके के खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) को आदेश दिया है कि उनके परिवार को जल्द से जल्द ‘भीम राव अंबेडकर आवास योजना’ के तहत फायदा पहुंचाया जाए। भुखल की पत्नी भी एनीमिया से पीड़ित हैं उन्हें सरकारी फंड से सहायता दी जाएगी। साथ ही पूरे परिवार का ध्यान रखा जाएगा जिससे आगे इस तरह की कोई घटना न हो।

भूमिका पर सवालिया निशान
लेकिन इन बातों के बावजूद इस बात को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता है कि अब एक इंसान की जान जा चुकी है। आने वाले समय में कितने भी उपाय कर लिए जाएँ पर फिलहाल के लिए प्रशासन की भूमिका पर सवालिया निशान खड़े होते ही हैं। अगर समय रहते पीड़ित शख्स को योजनाओं का लाभ मिला होता तब ऐसी घटना न होती।

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