राज्य के बाहर फँसे लोगों को घर लाने के साथ ही 14 दिन के कवारन्टीन के लिए 2000 रुपये भी दिए जाएंगे

नेहा श्रीवास्तव, इंदौर।

लॉकडाउन के बीच देश में आर्थिक गतिविधियों को गति देने के लिये कुछ छूट दिये जाने के एक दिन पहले आज केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि अगर देश कोरोनावायरस के संकट से बेहतर ढंग से निपटने में सफल रहता है तब बंदी के नियमों में और छूट दी जा सकती है।

केंद्रीय मंत्री ने आखिर किस क्षेत्र में छूट देने की बात कही

20 अप्रैल से आर्थिक गतिविधियों में आंशिक छूट के संदर्भ में प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि क्या क्या खोला जा रहा है, इसे अगर हम व्यक्त करना चाहें तो कृषि गतिविधियां पूरी तरह से खुलेंगी (ए टू जेड) जिसमें खेती से लेकर कृषि परिवहन, विपणन, मत्स्य क्षेत्र, डेयरी सहित सभी संबद्ध गतिविधियां एवं प्रसंस्करण इकाइयां शुरू हो रही हैं।

उन्होंने कहा कि यह ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिये काफी राहत भरा कदम है। इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्र में स्थित उद्योग, औद्योगिक इस्टेट्स, निर्यात उन्मुख क्षेत्र, निर्यात उन्मुख विशेष आर्थिक क्षेत्र सभी काम करने लगेंगे। उन्होंने कहा कि हालांकि इन्हें कुछ एहतियात बरतना होगा, मसलन अपने कामगारों के लिये समर्पित परिवहन व्यवस्था करनी होगी, सामजिक दूरी का पालन करना होगा, साथ ही यह बेहतर होगा कि वे अपने कार्यबल का 50 प्रतिशत का उपयोग करें।

मनरेगा का काम शुरू होने जा रहा है। ऐसे में जिनको रोजगार का नुकसान उठाना पड़ा है, उन्हें तत्काल करीब 200 रुपये प्रतिदिन मिलने लगेगा। हमने मनरेगा भुगतान में प्रतिदिन के हिसाब से 20 रुपये की वृद्धि भी की है। इसका लाभ बड़ी संख्या में लोगों को होगा।

पटनायक ने भी शहर लौटने वालों के लिए नियम बताए

ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने एक वीडियो संदेश जारी कर कहा है कि राज्य के बाहर फँसे लोगों को लॉकडाउन पीरियड ख़त्म होने के बाद वापस लाने के लिए केंद्र और राज्य सरकारों से बात की जाएगी और वापस लौटने वाले लोगों को 14 दिन के लिए कंपल्सरी क्वारंटीन पर रखा जाएगा।

उन्होंने कहा कि ओडिशा के कई लाख लोग दूसरे राज्यों में फँसे हुए हैं, इनमें विद्यार्थी, मज़दूर, तीर्थयात्री, मरीज़ आदि लोग शामिल हैं। साथ ही क्वारंटीन पर भेजे जाने वाले लोगों को 2000 रुपये की सहायता दी जाएगी।

मोदी ने युवाओं से उम्मीद बांधी

वहीं मोदी ने अब युवाओं से उम्मीद लगाते हुए अपने ट्वीट में लिखा है कि वो अपने विचार चाहे तो लिंक्डइन पर शेयर कर सकते हैं अब वो ही हैं जो इस परिस्थिति से उबरने के लिए नए तरीके खोज सकते हैं।

अर्थव्यवस्था के लॉकडाउन से हुए नुक़सान और इसे लेकर जारी चिंताओं के बीच प्रधानमंत्री मोदी ने ट्वीट करते हुए लिखा है, “ऐसे समय में जब दुनिया कोविड-19 से लड़ रही है, भारत के ऊर्जावान और नई सोच वाले युवा एक स्वस्थ और समृद्ध भविष्य की राह दिखाएँगे।”

स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, भारत में अब तक कोरोना वायरस के संक्रमण के 15,712 मामले सामने आए हैं और इससे 507 लोगों की मौत हो चुकी है। 

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