पापा को जिताने के लिए अरविंद केजरीवाल की बेटी हर्षिता कर रही हैं खूब मेहनत

नेहा श्रीवास्तव, इंदौर। केजरीवाल को दोबारा सीएम पद पर देखने के लिये उनकी बेटी भी अपनी मां के साथ दिन रात कैंपेनिंग कर रही हैं। यह पहली बार नहीं है कि चुनाव प्रचार में सीएम का परिवार उतरा हो। इससे पूर्व वर्ष 2013 व 2015 के विधानसभा चुनाव में भी उन्होंने प्रचार किया था।

दिल्ली विधानसभा चुनाव 2020 के लिए आम आदमी पार्टी ने प्रचार अभियान तेज कर दिया है। अरविंद केजरीवाल को फिर से दिल्ली का मुख्यमंत्री बनाने के लिए उनका परिवार भी प्रचार में उतर गया है। इसी कड़ी में छुट्टी के दिन रविवार को मुख्यमंत्री की पत्नी सुनीता केजरीवाल, बेटी हर्षिता और बेटे पुलकित ने वेस्ट किदवई नगर के रिहायशी इलाके में जाकर प्रचार किया। केजरीवाल परिवार हर घर जाकर डोर-टू-डोर प्रचार कर रहा है।

इस दौरान पूरे परिवार ने आप की टोपी और हाथ में ‘लगे रहो केजरीवाल’ के पत्रक ले रखे थे। घर-घर जाकर परिवार के सदस्य यह प्रचार सामग्री वितरित कर रहे हैं। साथ ही लोगों को केजरीवाल सरकार द्वारा पिछले पांच वर्षों में किए गए कार्यों की जानकारी भी दे रहे हैं।

इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए हर्षिता बताती हैं, हमें जो रिस्पॉन्स मिला है उससे यही लगता है कि लगभग 99 फीसदी माहौल हमारे पक्ष में है। जब भी मैंने दरवाज़ा खटखटाया तो लोगों ने पूछा आप क्यों आये हो, हम तो वैसे भी आपके साथ हैं। बल्कि हम तो ख़ुद ‘आप’ का प्रचार कर हैं। हर्षिता ने आगे बताया कि सब लोग आप के द्वारा किये गए काम से बेहद खुश और संतुष्ट हैं।

वर्ष 2015 उस समय उनकी पत्नी सरकारी नौकरी में होने के चलते प्रचार नहीं कर पाई थी, लेकिन बाकी सदस्यों ने प्रचार में पूरी भूमिका निभाई थी। सीएम अरविंद केजरीवाल की बेटी हर्षिता गुरुग्राम में एक मल्टीनेशनल कंसल्टेंसी कंपनी में काम करती हैं। वह भी पापा की तरह आईआईटी से पढ़ी हैं। उन्होंने दिल्ली आईआईटी से पढ़ाई पूरी की है। आगामी दिल्ली विधानसभा चुनावों को देखते हुए उन्होंने पहले ही ऑफिस से पांच महीने की छुट्टी ले ली थी।

हर्षिता ने आगे खुश होते हुए बताया कि हमारे ऑफिस में 100 से 200 कार्यकर्ता आपको मिलेंगे जो लंबी छुट्टियां लेकर प्रचार कर रहे हैं। वीकेंड्स पर मेरे कई दोस्त और जूनियर्स भी प्रचार करने पहुंचते हैं। हमें लगता है कि एक मात्र यही पार्टी है जो अपने काम को लेकर चुनाव लड़ रही है।

सुनीता केजरीवाल ने आइआरएस की नौकरी से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ले ली है तो वह भी इस वर्ष चुनाव प्रचार में उतर गई हैं। उनके बेटे पुलकित आइआइटी दिल्ली में स्नातक की पढ़ाई कर रहे हैं। जिस दिन छुट्टी होती है, वह उस दिन प्रचार करने आ जाते हैं।

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