टिक-टॉक के बाद स्वर्ण मंदिर में स्मार्टफोन पर भी लग सकती है पाबंदी

विभव देव शुक्ला

इन्टरनेट के दौर में सोशल मीडिया का असर किसी से छिपा नहीं है। फेसबुक, व्हाट्सएप, इन्स्टाग्राम और ट्वीटर जैसे आभासी दुनिया के मंच लोगों की ज़िंदगी का एक अहम हिस्सा बन चुके हैं। लेकिन इन माध्यमों के अलावा सोशल मीडिया का एक पहलू ऐसा है जो इन सबसे थोड़ा है लेकिन उसके भी कुछ अच्छे नतीजे हैं और कुछ बुरे। सोशल मीडिया का एक ऐसा ही पहलू है टिक-टॉक, जो लोगों में काफी मशहूर है।

समिति ने कई बार जताई आपत्ति
टिक-टॉक को लेकर दो तरह की प्रतिक्रियाएँ हैं, पहली जिसमें लोग इसे खूब पसंद करते हैं। दूसरी जिसके मुताबिक इसकी खूब आलोचना होती है और मामला फिलहाल सुर्खियों में है। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबन्धक समिति ने अमृतसर के स्वर्ण मंदिर की दीवार पर एक आदेश चस्पा किया है। आदेश टिक-टॉक से जुड़ा हुआ है और उसमें साफ तौर पर लिखा है कि यहाँ टिक-टॉक पर पूरी तरह प्रतिबंध है।
दरअसल हाल ही में देखा गया कि गुरुद्वारे के भीतर टिक-टॉक के वीडियो बनाए जा रहे थे। जिस पर समिति ने कई बार आपत्ति जताई लेकिन कोई खास नतीजा निकल कर नहीं आया था। आखिरकार समिति ने यह आदेश चस्पा करने का फैसला लिया। चूंकि यह सिक्ख समुदाय का एक पवित्र स्थल है और यहाँ पूरे देश से लोग आते हैं। लिहाज़ा यह ज़िम्मेदारी भी समिति के ऊपर थी कि यहाँ आने वाले श्रद्धालुओं की भावनाओं को किसी तरह की ठेस न पहुंचे।

ज़रूरत पड़ी तो स्मार्टफोन पर भी पाबंदी
समिति के प्रबन्धक जसविंदर सिंह ने इस बारे में मीडिया वालों से बातचीत की। बात करते हुए उन्होंने कहा हम श्रद्धालुओं से आशा करते हैं कि वह इस धार्मिक स्थल पर ऐसी गतिविधियों को पूरी तरह नज़रअंदाज़ करें। जत्थेदार श्री अकाल तख्त साहिब ने भी कहा है अगर युवा स्वर्ण मंदिर के भीतर इस तरह की हरकतें जारी रखते हैं तो हमें इसके अंदर स्मार्टफोन पर भी प्रतिबंध लगाना पड़ेगा। ज़रूरत पड़ने पर हम ऐसा करने से पीछे नहीं हटेंगे। पिछले कुछ दिनों से स्वर्ण मंदिर के भीतर टिक-टॉक का उपयोग बढ़ गया था।

admin