बैंक ऑफ अमेरिका ने माना भारतीय अर्थव्यवस्था अच्छी स्थिति में

दावोस।

सुस्ती से जूझ रही भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए एक और राहत भरी खबर है। बैंक ऑफ अमेरिका ने बुधवार को कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था में खपत में बढ़ोतरी हुई है और अब उसकी हालत पहले से अच्छी है। बैंक ऑफ अमेरिका (बोफा) के सीईओ ब्रायन टी मोयनिहान ने कहा है कि भारतीय अर्थव्यवस्था काफी अच्छी स्थिति में है और वहां उपभोग बढ़ रहा है।

उन्होंने कहा कि भारत के पास बड़ी युवा आबादी और प्रतिभा पूल है और इनकी क्षमता का अभी पूरा दोहन नहीं हुआ है। मोयनिहान ने अमेरिका और कुल वैश्विक अर्थव्यवस्था की वृद्धि को लेकर भी भरोसा जताया। उन्होंने अपनी शोध टीम के अनुमान का उल्लेख करते हुए कहा कि 2020 में वैश्विक अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर 3.2 प्रतिशत और अमेरिका की 1.7 प्रतिशत रहेगी। मोयनिहान ने कहा, ‘कुल मिलाकर दुनिया के बारे में हमें अच्छा महसूस होता है। यह धीमी वृद्धि का वातावरण है और हमें इसी के साथ आगे बढ़ना है।’

‘शिक्षा में हो रहा सुधार’

अमेरिका के बारे में उन्होंने कहा कि हम दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था हैं और हम अभी भी आगे बढ़ रहे हैं। ये अच्छी बात है। मोयनिहान पिछले सप्ताह विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) की वार्षिक बैठक-2020 में भाग लेने दावोस आए थे। भारत की बड़ी युवा आबादी से जुड़े जनांकिक लाभ और अन्य वृद्धि संभावनाओं के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, ‘भारत देश की सबसे अच्छी बात यह है कि यह बड़ा देश है, आगे बढ़ रहा है, आबादी युवा है, शिक्षा में सुधार हो रहा है और भारत के पास प्रतिभाएं हैं।’

भारत के पास अर्थव्यवस्था के लिए काम करने को है कौशल और दक्षता

मोयनिहान ने कहा, ‘भारत के पास अर्थव्यवस्था के लिए काम करने को कौशल और दक्षता है। भविष्य की पीढ़ियों के लिए वॉयस आधारित कॉल सेंटरों के मामले में श्रम की जरूरत उतनी नहीं रहेगी, लेकिन यह अधिक ज्ञान वाली अर्थव्यवस्था और चौथी औद्योगिक क्रांति के क्षेत्रों की ओर बढ़ेगी।’ उन्होंने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था की स्थिति काफी अच्छी है और वहां उपभोग की कहानी आगे बढ़ रही है। मोयनिहान ने यह भी कहा, ‘हमारी भारत स्थित टीम अच्छा काम कर रही है और कारोबार को पूरी दक्षता के साथ चला रही है।’ गौरतलब है कि इससे पहले, अर्थशास्त्र के नोबेल पुरस्कार विजेता अभिजीत बनर्जी ने सोमवार को कहा था कि भारतीय अर्थव्यवस्था अब सुस्ती के दौर से धीरे-धीरे उबर रही है। बता दें कि भारतीय अर्थव्यवस्था साढ़े छह साल के निचले स्तर पर है और दूसरी तिमाही में इसकी जीडीपी विकास दर महज 4.5% ही रही है।

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