बीच की सीट वाले यात्रियों के लिए पीपीई किट जैसा बॉडी सूट अनिवार्य

विकाससिंह राठौर | इंदौर

एयरपोर्ट पर नई व्यवस्था… एयरलाइंस जाने वाले यात्रियों को दे रही गाउन की तरह दिखने वाला बॉडी सूट, सूट की अनिवार्यता के चलते बीच की सीट पर बैठने से कतरा रहे यात्री

विमान में बीच की सीट को पहले खाली रखने और बाद में उस पर भी यात्रियों को बैठाए जाने को लेकर चल रहे विवाद के बीच डीजीसीए द्वारा हाल ही में आदेश जारी किया गया है कि या तो सीट को खाली रखा जाए या उस पर बैठने वाले यात्री को पीपीई किट की तरह फूल बॉडी सूट दिया जाए। इसके बाद इंदौर सहित देश के सभी एयरपोर्ट पर इस व्यवस्था को लागू कर दिया गया है। एयरलाइंस विमान में सवार होने से पहले यह सूट यात्री को दे रहीं है। हालांकि इस व्यवस्था के लागू होने के बाद बीच की सीट पर बैठने से यात्री कतरा रहे हैं।

उल्लेखनीय है कि दो माह तक उड़ानों का संचालन बंद रखने के बाद जब 25 मई से दोबारा उड़ानों को शुरू करने की घोषणा की गई थी तब डीजीसीए ने बीच की सीट को खाली रखने की बात कही थी, लेकिन नागरिक उड्‌डयन मंत्री हरदीपसिंह पुरी ने कहा था कि इससे पहले से संकट से गुजर रही एयर लाइंस का नुकसान होगा और यात्रियों पर भी ज्यादा किराए का बोझ पड़ेगा। इसके बाद बीच की सीट पर भी यात्री बैठाए जाने की अनुमति दी गई थी। इसे लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका भी लगाई गई थी। इसके बाद कोर्ट ने आदेश दिए थे कि डीजीसीए यात्री सुरक्षा के लिए नियम बनाने के लिए स्वतंत्र है। इसके बाद एक एक्सपर्ट पैनल बनाया गया था, जिसकी रिपोर्ट के बाद 2 जून को डीजीसीए ने आदेश जारी किए थे कि एयरलाइंस इस तरह से सीटें आवंटित करेंगी कि दो यात्रियों के बीच की सीट खाली रखी जाए। हालांकि, एक ही परिवार के सदस्यों को एक साथ बैठने की अनुमति दी जा सकती है। यदि यात्री संख्या भरने से दो यात्रियों के बीच की सीट भर जाती है तो बीच वाले यात्री को थ्री लेयर फेस मास्क और फेस शील्ड के अलावा मध्य सीट पर व्यक्ति को चारों तरफ से लपेटने वाला गाउन जैसे अतिरिक्त सुरक्षात्मक उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे।

एयरपोर्ट डायरेक्टर अर्यमा सान्याल ने बताया कि डीजीसीए के आदेश के बाद गुरुवार से ही इंदौर एयरपोर्ट पर भी सभी एयर लाइंस ने इस व्यवस्था को लागू कर दिया है। जिसके तहत बीच की सीट पर बैठने वाले यात्री को विमान में सवार होने से पहले ही एयर लाइंस मास्क, फेस शिल्ड और सेनेटाइजर के साथ ही पीपीई किट जैसा फूल बॉडी सूट दे रही है, जो पूरे समय पहने रखना अनिवार्य है।

सीट लेने से कतरा रहे यात्री

ट्रेवल एजेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया के प्रदेश अध्यक्ष हेमेंद्र सिंह जादौन ने बताया कि डीजीसीए के आदेश के बाद जब से बीच की सीट के यात्री के लिए बॉडी सूट या गाउन अनिवार्य किया है, तब से यात्री बीच की सीट लेने से कतरा रहे हैं। क्योंकि उन्हें पूरी यात्रा के दौरान उसे पहनना होगा, इससे गर्मी सहित अन्य परेशानी जैसी बातों से भी यात्री चिंतित हैं। उन्होंने बताया कि यात्री वैसे ही विंडो या गलियारे की सीट लेना पसंद करते हैं और नए नियम के बाद अब यात्री इससे और कतरा रहे हैं।

एयरपोर्ट पर बायो वेस्ट भी बढ़ा

एयरपोर्ट डायरेक्टर सान्याल ने बताया कि बीच की सीट के यात्री के लिए पीपीई किट जैसा बॉडी सूट या गाउन अनिवार्य किए जाने के बाद एयरपोर्ट पर बायो वेस्ट भी बढ़ गया है। उन्होंने बताया कि कोरोना को देखते हुए यात्री के मास्क, ग्लब्स, फेस शिल्ड जैसी चीजों को बायो वेस्ट की तरह अलग इकट्‌ठा किया जाता है और कोरोना कचरे के साथ डिस्पोज कराया जाता है। अब बाहर से आए यात्री एयरपोर्ट पर अपने बॉडी सूट भी बायो वेस्ट की तरह पीले रंग के डस्टबीन में डालते हैं, जिससे बायो वेस्ट की मात्रा बढ़ गई है।

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