मंत्रिमंडल का विस्तार अगले सप्ताह, सिंधिया समर्थक सभी पूर्व मंत्री लेंगे शपथ

ब्यूरो | भोपाल

शिवराज सिंह चौहान मंत्रिमंडल का विस्तार तय हो गया है। यह विस्तार अगले सप्ताह 4 से 6 मई के बीच में होगा। कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए सिंधिया समर्थक सभी मंत्रियों को इसमें शपथ दिलाई जाएगी। करीब आधा दर्जन भाजपा नेता भी मंत्रिमंडल में शामिल किए जाएंगे। नए मंत्रियों की संख्या 2 दर्जन हो सकती है।

भाजपा संगठन से जुड़े सूत्रों ने बताया कि इस विस्तार को लेकर भोपाल से दिल्ली तक भाजपा संगठन ने तैयारी पूरी कर ली है। ज्यादा संभावना है कि 3 मई को लॉकडाउन में ढील मिलने के बाद शपथ लेने वाले विधायकों को 4 मई को ही भोपाल बुला लिया जाए। ज्योतिरादित्य सिंधिया की इस संबंध में अपने समर्थकों के अलावा भाजपा अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा और गृहमंत्री अमित शाह से पूरी बातचीत हो चुकी है। वे मुख्यमंत्री श्री चौहान से भी इस संबंध में चर्चा कर चुके हैं।

सिंधिया कैंप के यह बनेंगे मंत्री

बगावत करके भाजपा में शामिल हुए सिंधिया समर्थक सभी पूर्व मंत्री शिवराज सरकार में मंत्री बनाए जाएंगे। वह मंत्री रहते ही उपचुनाव में जाएंगे। तुलसी सिलावट और गोविंद सिंह राजपूत मंत्री बन चुके हैं। प्रद्युम्न तोमर, इमरती देवी, महेंद्र सिंह सिसोदिया और प्रभु राम चौधरी को भी अगले सप्ताह शपथ दिलाई जाएगी। इनके अलावा सिंधिया समर्थक 4 बड़े नेताओं राजवर्धन सिंह दत्तीगांव, बिसाहू लाल सिंह, एदल सिंह कंसाना और हरदीप सिंह डंग भी शपथ ले सकते हैं।

भाजपा से यह बन सकते हैं मंत्री

अभी मंत्रिमंडल में भाजपा के सिर्फ तीन नेता ही शामिल किए गए हैं। विस्तार में भूपेंद्र सिंह, राजेंद्र शुक्ला, रामपाल सिंह, यशोधरा राजे सिंधिया, हरिशंकर खटीक, अजय विश्नोई, जगदीश देवड़ा, विजय शाह, विश्वास सारंग, डॉ अरविंद सिंह भदोरिया, संजय पाठक का मंत्री बनना तय है। भूपेंद्र सिंह मुख्यमंत्री चौहान के करीबी हैं।

पूर्व नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव यदि मंत्री बनते हैं तो सागर जिले से तीन मंत्री हो जाएंगे। हालांकि, उन्हें विधानसभा अध्यक्ष बनाए जाने को लेकर भी चर्चाएं जोरों पर हैं। भार्गव के विधानसभा अध्यक्ष बनने की स्थिति में सीताशरण शर्मा मंत्री बनेंगे। विंध्य के वरिष्ठ विधायक केदार शुक्ला भी मंत्री पद के दावेदार हैं, उन्हें विधानसभा उपाध्यक्ष बनाया जा सकता है। दो दशक से संगठन में काम कर रहे चंबल से एकमात्र भाजपा विधायक अरविंद सिंह भदोरिया को शिवराज सिंह चौहान का संकटमोचक होने का फायदा मिलेगा। 2005 से वे लगातार बड़ा मलहरा उपचुनाव से लेकर अभी तक चौहान और भाजपा के लिए बड़े रणनीतिकार साबित हुए हैं।

मालवा को लेकर पेंच

मालवा अंचल को लेकर वरिष्ठ विधायकों की पैनल पर चर्चा हो रही है। इंदौर से पिछड़े वर्ग के नेता महेंद्र हार्डिया मंत्री बन सकते हैं। पार्टी महासचिव कैलाश विजयवर्गीय के करीबी रमेश मेंदोला का नाम भी चर्चा में है। उषा ठाकुर या नीना वर्मा में से कोई एक महिला कोटे से मंत्री बनेगी। निमाड़ से आदिवासी नेता जय सिंह को मंत्री बनने का मौका मिल सकता है। रतलाम के विधायक चेतन कश्यप को केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के नजदीक होने का फायदा मिल सकता है। इसी तरह ओमप्रकाश सकलेचा और राजेंद्र पांडे के नाम भी चर्चा में हैं।

यदि भाजपा में आए तो सपा बसपा के तीनों नेता बन सकते हैं मंत्री

मध्य प्रदेश में बसपा के दो विधायक संजीव सिंह कुशवाह और रामबाई हैं। सपा के एक विधायक राजेश शुक्ला बबलू छतरपुर जिले से आते हैं। भाजपा ने तय किया है कि यदि ये तीनों पार्टी बदल कर भाजपा की सदस्यता ले लेते हैं तो इन्हें मंत्री बनाया जा सकता है। इन तीनों के भाजपा में शामिल होने पर भाजपा विधायकों की संख्या 107 से बढ़कर 110 हो जाएगी। भाजपा में शामिल होने के बाद यह लोग दल बदल नहीं कर सकेंगे।

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