चप्पल पहनकर आया, लंगड़ाकर चल रहा था गैंगस्टर विकास दुबे

ब्यूरो | उज्जैन

पुलिस ने जैसे ही विकास को दबोचा, वह चीखकर बोलने लगा ‘मैं विकास दुबे कानपुर वाला’। दो-तीन बार चीखा। पुलिस ने थप्पड़ जड़कर चुप कराया।

 

महाकाल दर्शन के लिए पहुंचा विकास एकदम साधारण कपड़े में था। उसने लोअर और टी-शर्ट पहन रखी थी। उसके पैरों में लिबर्टी की काली चप्पल थी। वह लंगड़ाकर चल रहा था। ऐसा लग रहा था, जैसे उसके पैरों में चोट लगी हो।

 

वह संदिग्ध कार, जिसे पुलिस ने बरामद किया है। पुलिस को इसी कार से विकास दुबे के साथी वकीलों के उज्जैन आने की आशंका है।

मंदिर परिसर में जरा भी तनाव में नहीं दिखा

महाकाल मंदिर में दर्शन से पहले भी विकास दुबे किसी तरह के तनाव में नहीं था। जूता स्टैंड पर ड्यूटी दे रहे गोपालसिंह कुशवाहा के मुताबिक वह फ्रेश मूड में ही दर्शन करने आया था। ऐसा लग रहा था, जैसे वह यहां के माहौल से पूरी तरह परिचित है। उसके चेहरे पर किसी लंबे सफर की थकान भी नजर नहीं आ रही थी। ऐसा लग ही नहीं रहा था कि वह फरीदाबाद से उज्जैन आया है। ऐसा लग रहा था, जैसे उसने उज्जैन में ही आराम किया हो।

दो वकीलों को भी हिरासत में लेने की चर्चा | इस मामले में यूपी के लखनऊ के दो वकीलों को भी पुलिस द्वारा हिरासत में लेने और एक कार भी जब्त करने की चर्चा है। वकीलों के इसी कार से आने की आशंका है। हालांकि, आधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि नहीं हुई है। शाम को कोर्ट पेशी की चर्चा, लेकिन 5 बजे तक कोर्ट नहीं पहुंचा | विकास दुबे को गुरुवार शाम कोर्ट में पेश करने की चर्चा चलती रही। इसके चलते बड़ी संख्या में मीडियाकर्मी कोर्ट परिसर में एकत्र हो गए, लेकिन शाम 5 बजे तक उसे कोर्ट में पेश नहीं किया जा सका था।

 

काली शर्ट में वह फूलवाला, जिसने सबसे पहले पुलिस को विकास दुबे के बारे में जानकारी दी थी।

यूपी पुलिस की सुपुर्दगी पर सवाल

विकास दुबे को सीधे यूपी पुलिस को नहीं सौंपा जा सकता था। इसकी वजह है, उसका उज्जैन में पकड़ा जाना। विकास दुबे यूपी पुलिस का वांटेड आरोपी है, लेकिन उज्जैन में पकड़ाने से उसे यहां की कोर्ट के सामने पेश करना जरूरी है। यहां की कोर्ट के मार्फत ही प्रोडक्शन वारंट पर उसे यूपी ले जाया जा सकता था। इसके लिए यूपी पुलिस को उज्जैन कोर्ट में अर्जी लगानी होती। वरिष्ठ अभिभाषक अतुल रैना के मुताबिक विकास की गिरफ्तारी उज्जैन में हुई थी। ऐसे में उसकी कोर्ट पेशी उज्जैन में जरूरी थी। यहां से उसे प्रोडक्शन वारंट पर सौंपने या ना सौंपने का फैसला कोर्ट को करना था। उज्जैन पुलिस ने कैसे पंचनामा बनाकर विकास को यूपी पुलिस को सौंपा है, यह विचारणीय है।

विकास ने जूता स्टैंड पर चप्पल और बैग रखा था, बैग से कपड़े, मोबाइल, चार्जर जब्त हुए।

मीडियाकर्मी दिनभर तलाशते रहे, आखिर कहां गया गैंगस्टर

विकास दुबे की हिरासत को पुलिस ने गोपनीय बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। उसे महाकाल मंदिर चौकी से सुबह 9.30 बजे लेकर पुलिसकर्मी रवाना हुए थे, पुलिस सूत्रों के मुताबिक उसे पीटीएस में रखा गया।

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