मायावती के लिए खतरे की घंटी बन सकती है चंद्रशेखर की सियासत में इंट्री

लखनऊ

भीम आर्मी के सियासत में कदम रखने से वेस्ट यूपी में राजनीतिक पारा चढ़ना लाजमी है। बसपा अध्यक्ष मायावती और आजाद समाज पार्टी (एएसपी) अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद की जन्म और कर्मस्थली वेस्ट यूपी होने के कारण यहां वर्चस्व की जंग होने के आसार ज्यादा हैं।

दरअसल भीम आर्मी के उदय से ही चंदशेखर और बीएसपी नेत्री मायावती की अदावत किसी से छिपी नहीं हैं। दूसरे बीएसपी से किनारे हुए सियासतदानों का नया सियासी ठिकाना चंद्रशेखर आजाद की नई पार्टी एएसपी बनती दिख रही है। पार्टी के आगाज के मौके पर रविवार को जितने भी पूर्व मंत्री, पूर्व विधायक, पूर्व सांसद, पूर्व ओहदेदार चंद्रशेखर के साथ खड़े हुए दिखे, वे सभी एक वक्त पर बीएसपी में जिम्मेदार पदों पर रहे हैं लेकिन फिलहाल किनारे कर दिए गए थे।

बीएसपी का मजबूत किला रहा है वेस्ट यूपी

दलित मुस्लिम बहुल वेस्ट यूपी में 2004 में सहारनपुर से लेकर रामपुर तक कई मुस्लिम सांसद बीएसपी के टिकट पर जीते थे। 2007 के विधानसभा चुनाव में भी बीएसपी को वेस्ट यूपी से मिली बड़ी जीत सरकार बनाने में सहायक साबित हुई थी। 2009 के लोकसभा चुनाव में भी बीएसपी का प्रदर्शन बेहतर रहा था।

परेशान हैं बसपा नेता

चंद्रशेखर की दलित मुस्लिम एका की कोशिश के कदम से बीएसपी बेचैन है। बीएसपी के ओहदेदारों ने हाईकमान को साफ कह दिया है कि अब पार्टी को आक्रामक छवि दिखानी होगी, नहीं तो नुकसान तय है। नई रणनीति के बारे में पांच अप्रैल की बड़ी मीटिंग में फाइनल किया जाएगा।

बी टीम बनाने की रणनीति

बीएसपी के एक ओहदेदार के मुताबिक बीएसपी की अभी तक यही रणनीति रही है कि चंद्रशेखऱ को बीजेपी की बी-टीम बताने की भरपूर कोशिश की जाए। लोगों को खासकर दलितों को समझाया जाए कि आरक्षण छीनने और वोट का अधिकार खत्म करने की कोशिश करने वाली बीजेपी को फायदा पहुंचाने और बहुजनों के हितों की लड़ाई को कमजोर के लिए एएसपी जैसे दल काम कर रहे हैं। दरअसल, मायावती सहारनपुर के शब्बीरपुर में हुई हिंसा के बाद से ही आजाद पर हमलावर हैं।

एक ही क्षेत्र के दो खिलाड़ी

चंद्रशेखर और मायावती की जन्मस्थली और कर्मस्थली वेस्ट यूपी ही है। मायावती गौतमबुद्धनगर के बादलपुर में पैदा हुईं। यहीं पली, पढ़ीं और बड़ी हुईं। ननिहाल भी हापुड़ जिले में है। वेस्ट यूपी के बिजनौर, शामली, सहारनपुर और बुलंदशहर से सियासी पारी खेली। वेस्ट यूपी से सांसद और विधायक बनीं। यहीं से विधायक बनकर सीएम बनीं। वहीं चंद्रशेखर सहारनुपर के छुटमलपुर के एक गांव में पैदा हुए। सहारनपुर में भीम आर्मी बनाई और सियासी पारी भी वेस्ट यूपी के नोएडा से खेलने का ऐलान किया।

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