आसनसोल में भाजपा कार्यालय जलाए जाने के बाद आरोपों का दौर शुरू

विभव देव शुक्ला

देश के कुछ राज्य ऐसे हैं जो अक्सर अपनी राजनीतिक उठापटक के चलते सुर्खियों में बने रहते हैं। राज्यों के नेताओं की राजनीतिक अदावत अक्सर ख़बरों में रहती है, कार्यकर्ताओं के बीच होने वाले विवाद राज्य की राजनीति को पेचीदा बनाते हैं। इस तरह के राज्यों में शामिल है पश्चिम बंगाल, जहां तृणमूल कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता अक्सर आमने-सामने होते हैं। वैसे हालातों के कुछ नतीजे भी होते हैं जिनका सीधा असर राज्य के माहौल पर होता है।

कार्यालय को लगाई आग
पश्चिम बंगाल का एक शहर है आसनसोल, जहां कुछ उपद्रवियों ने भारतीय जनता पार्टी का एक कार्यालय जला दिया है। भाजपा के नेताओं का कहना है कि इस घटना के पीछे तृणमूल कांग्रेस से जुड़े हुए लोगों का हाथ है। भाजपा के तमाम शीर्ष नेताओं ने तृणमूल कांग्रेस के लोगों पर इस तरह के आरोप पहले भी लगाए हैं। फिलहाल इस मुद्दे पर राजनीतिक गलियारों में शोर काफी बड़े पैमाने पर मचा हुआ है, भाजपा के नेताओं ने इस मुद्दे पर अपनी तरफ से प्रतिक्रिया भी दी है।

क्या है भाजपा का आरोप
भाजपा नेता गोपाल रॉय का कहना है कि इसके लिए सीधे तौर पर तृणमूल कांग्रेस के लोग ज़िम्मेदार हैं। उस इलाके में भाजपा का प्रभाव बढ़ते देखना उन्हें स्वीकार्य नहीं है इसलिए वह ऐसा कर रहे हैं। इसके अलावा उनका कहना था कि कुछ दिनों पहले उनके संगठन के लोगों ने उस इलाके में कंबल वितरण किया था। संगठन के इस आयोजन में भारी संख्या में लोग मौजूद थे। जिसके बाद तृणमूल कांग्रेस के नेताओं को यह बात हज़म नहीं हुई नतीजतन उन्होंने भाजपा कार्यालय को आग लगाई।

क्या कहते हैं तृणमूल नेता भाजपा पर
इस आरोप के बाद तृणमूल कांग्रेस के नेताओं ने भी इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी। दल के नेता हरेराम तिवारी ने सबसे पहले इन आरोपों का खंडन किया। उन्होंने कहा यह घटना भाजपा के आंतरिक विवादों का नतीजा है, इसके लिए खुद उनके कार्यकर्ता ज़िम्मेदार हैं। इसके बाद उन्होंने भाजपा नेताओं पर आरोप लगाते हुए कहा कि उनके नेता अपने कार्यालय के भीतर बैठ कर शराब तक पीते हैं। साथ ही साथ तमाम तरह की संदिग्ध गतिविधियों को अंजाम देने की योजना बनाते हैं।

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