चीन ने 90 दिनों के लॉकडाउन से कोरोना को किया काबू

बीजिंग

चीन ने 90 दिन लॉकडाउन रखकर कोरोना को दी मात..तो हम क्यों रहें पीछे

चीन के वुहान और हुबेई प्रांत से शुरु हुआ कोरोना वायरस के संक्रमण पर लगाम लगाने के लिए सरकार ने 90 दिनों का लॉकडाउन किया था, वो 90 दिनों का लॉकडाउन बुधवार को खत्म हुआ। सोमवार को ही सरकार ने घोषणा की थी कि वो बुधवार से हुबेई प्रांत में लॉकडाउन को खत्म कर देगी। इन 90 दिनों के दौरान 23 जनवरी से 5.6 करोड़ लोग को कड़े लॉकडाउन में रखा गया है। चीन ने हुबेई और उसकी राजधानी वुहान में 25 मार्च से लॉकडाउन में ढील देने का फैसला किया है। शायद लॉकडाउन का ही नतीजा है कि अब चीन के इन दोनों प्रांतों में कोरोना वायरस से संक्रमित मरीज नहीं पाए जा रहे हैं।

मंगलवार की रात को 8 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 21 दिनों के लॉकडाउन की घोषणा की है, जनता को लग रहा होगा कि ये बहुत बड़ा समय है, ऐसे में घर पर समय कैसे पास होगा। उन लोगों को चीन के इन दो शहरों से कुछ सीखना चाहिए जहां पर लोग 90 दिनों तक घरों पर पूरी तरह से कैद रहे और घर पर ही रहे, वहां जिन लोगों ने इन नियमों का पालन नहीं किया उनके खिलाफ कार्रवाई भी की गई। चीन के लॉकडाउन से हुबेई में 5 करोड़ लोग अपने घरों में ही कैद रहे।

किया कमाल…24 घंटे में घरेलू संक्रमण का एक भी नया मामला सामने नहीं आया

चीन ने बुधवार को बताया कि चीनी मुख्यभूमि में घरेलू संक्रमण का कोई नया मामला सामने नहीं आया। उसने बताया कि मंगलवार को विदेशों से आए लोगों के कोविड-19 से संक्रमित होने के 47 नए मामले सामने आए और इसके साथ ही चीन में इस प्रकार के मामलों की संख्या बढ़कर 474 हो गई। चीनी विदेश मंत्रालय ने बताया कि इन मामलों मे अधिकतर लोग विदेशों से लौटे चीनी नागरिक हैं।

देश में कोरोना को हराना है तो हमें चीन से सीखने की जरूरत है, जिसने इस जानलेवा वायरस से महज तीन महीनों में काबू कर लिया। चीन में लॉकडाउन का सख्ती से पालन किया गया। बहुत जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलने की अनुमति मिली वह मॉस्क पहनकर। सोशल डिस्टेंस बनाकर रखा गया। चित्र हुबेई प्रांत के डोंगफेंग के होंडा वर्कशॉप का है। यहां कर्मचारी दोपहर का भोजन कर रहे हैं लेकिन एक-दूसरे से 1.5 मीटर की दूरी बनाकर। कार निर्माता कंपनी के अधिकारी ने बताया कि कोरोना वायरस के लंबे गेप के बाद 95 प्रतिशत कर्मचारी अपने काम पर लौट आए हैं।

जानलेवा कोरोना वायरस को मात देकर चीन ने पूरी दुनिया के सामने एक नजीर पेश की है। चीन ने कोरोना वायरस का केंद्र रहे अपने दो शहरों में पूरे 90 दिन का लाकडाउन रखा था, वहां के लोगों ने भी इसमें सहयोग दिया, इसी कारण वह कोरोना वायरस के संक्रमण को काबू करने में कामयाब रहा। बुधवार को इन शहरों से लॉकडाउन खत्म कर दिया गया। यदि समय रहते ईरान, इटली, स्पेन, अमेरिका और अन्य देश भी चीन से सबक ले लेते तो आज हजारों लोगों की जान नहीं जाती।

हालांकि भारत में अभी देर नहीं हुई, हालात काबू में हैं…स्थितियां और न बिगड़े इसके लिए 21 दिन के लॉकडाउन में एकजुट होकर सहयोग करें। कोरोना की चेन तोड़नी है तो…सिर्फ इतना करें सोशल डिस्टेंस बनाए रखें, औरों को जागरूक करते रहें, सफाई रखें और सबसे जरूरी बात सिर्फ घर में ही रहें। …और देखिए देश फिर रफ्तार पकड़ेगा…जिंदगियां मुस्कुराने लगेंगी।

तीन महीने ‘कैद’ रहकर पा ली नई जिंदगी

हुबेई प्रांत में 5.6 करोड़ लोग पिछले तीन महीने से अपने घरों में कैद हैं। हालांकि राजधानी वुहान में लॉकडाउन पहले की तरह अभी चलता रहेगा, यहां 8 अप्रैल को इसे हटाया जाएगा। चीनी अधिकारियों और स्थानीय मीडिया के अनुसार 8 अप्रैल से वुहान में प्रतिबंधों में ढील दी जाएगी।

हालांकि, विशेषज्ञों ने ढील दिए जाने को लेकर सरकार को आगाह किया है। ग्लोबल टाइम्स के अनुसार हुबेई प्रांत की राजधानी वुहान कोरोना वायरस से सबसे ज्यादा प्रभावित थी और यहां सबसे अधिक मौत हुई हैं। वुहान की आबादी 1.1 करोड़ है, जहां पिछले साल दिसंबर में कोरोना का पहला पॉजिटिव मामला सामने आया था। इसके बाद 23 जनवरी को पूरे हुबई प्रांत को लॉकडाउन कर दिया गया था। चीन की सरकार ने पहले ही घोषणा की थी कि वो बुधवार से यात्रा प्रतिबंधों में ढील देगी। चीन के अखबार पीपुल्स डेली के मुताबिक एक सरकारी नोटिस में कहा गया है कि हुबेई प्रांत के अन्य हिस्से में रह रहे लोग बुधवार से ग्रीन हेल्थ कोड के साथ यात्रा कर सकेंगे। हुबेई स्वास्थ्य आयोग के अनुसार वुहान में रह रहे लोग 8 अप्रैल के बाद शहर के बाहर यात्रा कर सकेंगे। हुबेई हेल्थ कमीशन नेे बताया कि वुहान के लोगों को इस लॉकडाउन से आठ अप्रैल से छूट मिलेगी।

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