एमपी में कांग्रेस लड़खड़ा रही है और राहुल तेल के दामों पर गरमा रहे हैं

नेहा श्रीवास्तव, इंदौर। मध्य प्रदेश में सत्ता को लेकर बीजेपी और कांग्रेस में जंग छिड़ गयी है। वहीं लोकसभा की कार्यवाही में हिस्सा लेने पहुंचे राहुल गांधी जहाँ ज्योतिरादित्य सिंधिया के कांग्रेस छोड़ने के सवाल पर बचते नजर आए वहीं दूसरी तरफ़ मोदी पर निशाना साधा है।

चल रहे सियासी घमासान के बीच राहुल गांधी ने एक ट्वीट करते हुए पीएम मोदी पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा, “जब आप कांग्रेस की चुनी हुई सरकार को अस्थिर करने में मशग़ूल थे तो आप शायद ये नोटिस नहीं कर सकें होंगे कि दुनिया में तेल की क़ीमतों में 35 फ़ीसदी की गिरावट हुई थी। क्या आप पेट्रोल की क़ीमत 60 रुपए प्रति लीटर से कम करके तेल की क़ीमत में कमी का लाभ भारतीयों तक पहुंचाएंगे। इससे सुस्त अर्थव्यवस्था में भी मज़बूती आएगी।”

मध्य प्रदेश में कमलनाथ की सरकार संकट से गुज़र रही है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मंगलवार को पार्टी से इस्तीफ़ा दे दिया और अब वो बीजेपी में शामिल हो सकते हैं। उनके साथ कांग्रेस के 19 विधायकों ने भी अपना इस्तीफ़ा भेज दिया है।

230 सदस्यों वाली मध्य प्रदेश विधान सभा में कांग्रेस के 114 विधायक हैं लेकिन 19 सदस्यों के बग़ावती तेवर के बाद फ़िलहाल ये घट कर 95 हो गई है। जबकि बीजेपी के पास 107 विधायक हैं।

उधर सोमवार को दुनिया भर में कच्चे तेल की क़ीमत में भारी गिरावट देखी गई थी। इसकी एक वजह रूस और सऊदी अरब में तेल के उत्पादन को लेकर असफल बातचीत थी। तेल बाजार की हिस्सेदारी को लेकर प्रमुख उत्पादकों में कीमत को लेकर छिड़ी जंग के कारण सोमवार को ब्रेंट क्रूड का भाव 31.27 डॉलर प्रति बैरल तक गिरा है, जोकि फरवरी 2016 के बाद का सबसे निचला स्तर है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में कटौती के बाद भारत में भी इसका असर दिख रहा है। कोरोना वायरस के कारण भी तेल की क़ीमत पर असर पड़ा था। तेल की क़ीमत कम होने के कारण भारत समेत एशिया के बाज़ार धड़ाम से गिर गए थे।

admin