जल्द आएगी कोरोना की दवा! ट्रायल के तीन चरण सफल

वाशिंगटन

‘जिलेड’ को मिली कामयाबी, अमेरिकी कंपनी पर पूरी दुनिया की नजर

कोरोना के भयावह संकट के सामने खड़ी दुनिया के सामने ‘रेमडेसिविर’ एक उम्मीद भरा शब्द बन कर आया है। दरअसल अमेरिका की फार्मा कंपनी ‘जिलेड साइंस इंक’ की दवा ‘रेमडेसिविर’ को कोरोना संक्रमण के इलाज के विकल्प के तौर पर देखा जा रहा है। बुधवार को कंपनी की तरफ से कहा गया कि रेमडेसिविर के तीसरे चरण के ट्रायल में भी पॉजिटिव नतीजे सामने आए हैं। पूरी दुनिया में लोग बेसब्री के साथ इस दवा के तीसरे चरण के नतीजों का इंतजार कर रहे थे। रेमडेसिविर का विट्रो (टेस्ट ट्यूब) और विवो (शरीर पर परीक्षण) टेस्ट जानवरों पर भी किया जा चुका है।

मर्स और सार्स के दौरान जानवरों पर इस दवा का परीक्षण सफल रहा है। कोरोना वायरस भी इन्हीं बीमारियों के परिवार का हिस्सा है। कंपनी का कहना है कि जानवरों पर परीक्षण के बाद ही हमें अंदाजा हुआ कि इस दवा का असर कोरोना के इलाज में किया जा सकता है। कंपनी ने बताया कि 22 मार्च को रेमडेसिविर को ‘कम्पैशनेट यूज’ के तौर पर इस्तेमाल के लिए भेजने की मांग आई हैं। ‘कम्पैशनेट यूज’ उस इलाज को कहा जाता है जिसे डॉक्टर इस्तेमाल तो करते हैं, लेकिन इसका पूरी तरह से बीमारी को लेकर टेस्ट नहीं हुआ होता है।

इलाज के दौरान जब कोई थेरेपी का विकल्प नहीं होता है तो डॉक्टर ‘कम्पैशनेट यूज’ का इस्तेमाल करते हैं। ‘कम्पैशनेट यूज’ प्रोग्राम के तहत ही रेमडेसिविर का इस्तेमाल कोरोना के इलाज के लिए किया गया है। ये उन मरीजों पर किया गया जिनका इलाज अधिकृत दवाओं से नहीं हो पा रहा था। कंपनी जिलेड का कहना है कि इसके बाद ‘कम्पैशनेट यूज’ के तहत इस दवा की मांग की बाढ़ आ गई है।

भारत के लिए कीमत रखेगी मायने

जिलेड कोरोना वायरस की दवा बनाने के लिए रेमडेसिविर पर चल रहे प्रयोगों में वैश्विक स्वास्थ्य संस्थाओं के साथ मिलकर काम कर रही है। इसका प्रभाव जानने के लिए सैकड़ों बीमारों पर इसका परीक्षण किया जा चुका है। एक आंकड़े के मुताबिक सामान्य तौर जो दवाएं तीसरे चरण के परीक्षण में जाती हैं, वो सक्सेसफुल रहती ही हैं। तीसरे चरण के नतीजों के अप्रैल के आखिरी में आने की बातें कही गई थीं। अब कंपनी का कहना है कि उसे पॉजिटिव डेटा मिले हैं। व्यावसायिक तौर पर बाजार में आने के बाद इस दवा की कीमत बहुत मायने रखेगी। विशेष तौर पर भारत जैसे देश के लिए. संभव है कि जिलेड इसके लिए भारत में कोई पार्टनर की तलाश कर ले, जिससे भारत में ये दवा उचित दामों में मुहैया हो सके।

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