कोरोना अब कम्युनिटी स्प्रेड के फेज़ में।

नई दिल्ली

देश में कोरोना के मामले 10 लाख के पार पहुंचने के बाद अब एक और चिंता बढ़ाने वाली खबर सामने आई है। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) का कहना है कि देश में कोरोना का कम्युनिटी ट्रांसमिशन शुरू हो चुका है। यानी हालात आगे और बिगड़ सकते हैं…

आईएमए हॉस्पिटल बोर्ड ऑफ इंडिया के चेयरमैन डॉक्टर वीके मोंगा का मानना है कि देश में अब कोरोना घातक रफ्तार से बढ़ रहा है और कम्युनिटी ट्रांसमिशन शुरू हो चुका है। उन्होंने कहा कि रोजाना नए मामलों का आंकड़ा 30-35 हजार आ रहा है। देश के लिए यह सच में खराब स्थिति है। कोरोना अब ग्रामीण इलाकों तक फैला रहा है जो एक बुरा संकेत है। यह दिखाता है कि देश में कम्युनिटी स्प्रेड शुरू हो चुका है। मोंगा ने कहा कि दिल्ली जैसे बड़े शहर में संक्रमण को अब नियंत्रित किया जा रहा है। लेकिन महाराष्ट्र, कर्नाटक, केरल, गोवा और मध्य प्रदेश के अंदरूनी इलाके नए हॉटस्पॉट बन सकते हैं। उन्होंने राज्य सरकारों को केंद्र सरकार की मदद लेकर हरसंभव कदम उठाने की सलाह दी।

उधर, सर गंगाराम अस्पताल के चेयरमैन डॉ. अरविंद कुमार ने कहा कि दिल्ली और मुंबई के धारावी इलाके में जिस तरह से कोरोना फैला उसको देखकर लगता है कि भारत में इसका कम्युनिटी ट्रांसमिशन शुरू हो चुका है। डॉ. कुमार ने कहा कि देश में जिस तरह से हर रोज रिकॉर्ड केस आ रहे हैं, उससे आकलन किया जा सकता है। आईएमए के बयान से मैं बिल्कुल सहमत हूं।

क्या है कम्युनिटी ट्रांसमिशन?

कम्युनिटी ट्रांसमिशन थर्ड स्टेज है। इस स्टेज में कोई ऐसा व्यक्ति भी संक्रमित हो सकता है जो न तो वायरस प्रभावित देश से लौटा हो और न ही वह किसी दूसरे संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आया हो। ऐसे में वायरस का सोर्स ढूंढना मुश्किल हो जाता है।

दिल्ली में आज से इंसानों पर वैक्सीन का सबसे बड़ा ट्रायल

भारत बायोटेक को वैक्सीन ‘कोवैक्सीन’ के पहले और दूसरे चरण के क्लिनिकल ट्रायल की अनुमति मिल गई है। कोवैक्सीन के मानव पर पहले और दूसरे चरण के ट्रायल के लिए इंडियन काउंसिल फॉर मेडिकल रिचर्स (आईसीएमआर) की तरफ से दिल्ली के एम्स समेत 12 इंस्टीट्यूट्स को चुना गया है। दिल्ली एम्स में सोमवार से इंसानों पर इस वैक्सीन का ट्रायल शुरू हो जाएगा। एम्स की एथिक्स कमेटी ने इसकी इजाजत दे दी है।

आईसीएमआर की निगरानी में सबसे बड़े पैमाने पर ट्रायल दिल्ली एम्स में ही होगा। इस वैक्सीन का ट्रायल 375 लोगों पर किया जाएगा, जिनमें 100 से ज्यादा वॉलंटियर्स पर ट्रायल एम्स में होगा। 18 साल से 55 साल तक के स्वस्थ व्यक्ति इस ट्रायल में हिस्सा ले रहे हैं। बता दें कि ‘कोवैक्सीन’ के शुरुआती ट्रायल में डोज दिए जाने के बाद वॉलंटियर्स में किसी तरह के साइड-इफेक्ट देखने को नहीं मिले हैं। राहत की बात ये भी है कि भारत, दुनिया में कोविड-19 से सबसे कम मृत्यु दर वाले देशों में एक है। एक महीने पहले यह दर 2.82 प्रतिशत थी, जो 10 जुलाई को घट कर 2.72 हो गई। वर्तमान में यह 2.49 प्रतिशत हो गई है।

दवा बनाने में जुटीं 7 कंपनियां

कोरोना की वैक्सीन को लेकर देश की सात फार्मा कंपनियों ने अपने शोध तेज कर दिए हंै। इसमें भारत बायोटेक, सीरम इंस्टिट्यूट, जायडस कैडिला, पैनेशिया बायोटेक, इंडियन इम्यूनोलॉजिकस, मायनवैक्स

मानसून में चरम पर महामारी: शोध

आईआईटी भुवनेश्वर की एक टीम ने अपने शोध में कहा है कि मानसून में कोरोना वायरस का संक्रमण अपने चरम पर होगा। शोध के अनुसार तापमान गिरने के कारण कोरोना वायरस संक्रमण के फैलने की स्थिति काफी अनुकूल हो गई है। तापमान कम होने के कारण किसी भी प्रकार के संक्रमण और फ्लू के फैलने का खतरा, गर्म मौसम के मुकाबले कहीं ज्यादा होता है और इस स्टडी में भी इसी बात की आशंका जाहिर की गई है। आईआईटी के असिस्टेंट प्रोफेसर वी विनोज के नेतृत्व में यह शोध किया गया है।

भोपाल…संक्रमण की दर 10% तक पहुंची

भोपाल में रविवार को रिकॉर्ड 149 लोगों की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई है। यह राजधानी में एक दिन में अब तक की सबसे बड़ी संख्या है। बीते 9 दिन में राजधानी में 998 संक्रमित मिले हैं। अनलॉक-2 के तहत 1 से 10 जुलाई के बीच यह संक्रमण की दर 4.35% थी, जो अब 10% तक पहुंच गई है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राजधानी में संक्रमण दर 10% होने पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि भोपाल में सोमवार से अब रात 10 बजे के बजाय 8 बजे ही दुकानें बंद हो जाएंगी।

इंदौर… नए क्षेत्रों में मिले पॉजिटिव

इंदौर में रविवार को 1867 सैंपल टेस्ट किए गए। इनमें से 1728 नेगेटिव व 120 पॉजिटिव पाए गए। अब कुल पॉजिटिव 6155 हो गए हैं। रविवार को कोई मौत नहीं हुई है, लेकिन अप्रैल में हुई 3 अन्य मौतों को मिलाकर मरने वालों की संख्या 295 हो गई है। कोरोना संक्रमित मरीज अब ग्रामीण क्षेत्रों में भी बढ़ते जा रहे हैं। शनिवार को जो 129 संक्रमित पाए गए थे, उनमें 11 हातोद, देपालपुर, पिगडम्बर, सांवेर आदि क्षेत्रों के कुछ गांव हैं जहां पहली बार नए संक्रमित मिले हैं। सुभाष कॉलोनी, नालंदा परिसर, स्पेस पार्क में भी संक्रमित मिले हैं।

 

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