कोरोना वायरस की भारत में हो चुकी दस्तक, केरल राज्य बना पहला शिकार

नेहा श्रीवास्तव, इंदौर। चीन समेत कई देशों में कहर बरपा रहा 2019-एनसीओवी कोरोना वायरस ने अब भारत में भी दस्तक दे दी है। केरल में कोरोना वायरस का पहला मामला सामने आया है बताया जा रहा है कि केरल का जो मरीज कोरोना वायरस से संक्रमित हुआ है, वह चीन के वुहान यूनिवर्सिटी का छात्र है।

भारत सरकार ने अब इस बात की पुष्टि कर दी है कि चीन के वुहान विश्वविद्यालय से आए एक छात्र में कोरोना वायरस के लक्षण पाए गए हैं। उस छात्र के मेडिकल रिपोर्ट में इस बात की पुष्टि हुई है। छात्र फ़िलहाल केरल में है। उसकी स्थिति स्थिर है और उसे निगरानी में रखा गया है।

हर दिन कोरोना वायरस को लेकर समीक्षा बैठक चल रही थी। सरकार की तरफ से संदिग्ध लोगों की पहचान चल रही थी। 28 जनवरी तक भारत को लगभग 450 लोगों को निगरानी में रखने की बात आ रही थी। उस वक्त सरकार ने भी दावा किया था कि सबसे ज्यादा लोग केरल में हैं।

चीन में कोरोना वायरस से अबतक करीब 170 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 7000 से ज्यादा लोग इसकी चपेट में हैं। देश के कई राज्यों में सैकड़ों लोगों को निगरानी में रखा गया है। सिर्फ केरल में ऐसे 806 लोगों को निगरानी में रखा है जो कोरोना वायरस से संक्रमित हो सकते हैं।

वहीं देश की दो विमानन कंपनियों इंडिगो और एअर इंडिया ने उस देश के लिए अपनी अधिकतर उड़ानें निलंबित करने की घोषणा की जो कोरोना वायरस प्रकोप से जूझ रहा है।

पीटीआई ने के अनुसार पिछले कुछ दिनों में चीन से लौटे कम-से-कम 436 लोगों की निगरानी की जा रही है। अब तक जितने भी लोगों के ख़ून के नमूने पुणे स्थित नेशनल इंस्टीच्यूट ऑफ़ वायरोलॉजी भेजे गए थे उनमें किसी का भी नमूना पॉज़िटिव नहीं पाया गया। केरल की स्वास्थ्य मंत्री केके शैलजा ने पत्रकारों से कहा कि ज़िला स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ तालमेल के ज़रिए आवश्यक क़दम उठाए जा रहे हैं।

मंत्री ने कहा, “हमने ऐसे वॉर्ड खोले हैं जहाँ लोगों को एकांत में रखा जा रहा है, हालाँकि अभी तक हमारे पास एक भी मामले की पुष्टि की ख़बर नहीं है।”

इस बीच केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कोरोना वायरस से प्रभावित चीन के वुहान प्रांत में अटके भारतीयों को बाहर निकालने की व्यवस्था करने का आग्रह किया है जिनमें केरल के भी कई लोग हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री को लिखी चिट्ठी में बताया है कि सरकार को चीन में पढ़ाई कर रहे भारतीय छात्रों के संबंधियों से जो जानकारी मिल रही है उसके मुताबिक़ वहाँ स्थिति गंभीर है।

admin