कोरोना का भय : चिट्ठी बांटने वाले डाककर्मी हैरान है विभाग की चिट्ठी से!

नगर संवाददाता | इंदौर

देशव्यापी लाकडाउन के चलते केंद्र सरकार ने केंद्रीय कार्यालयों में शत प्रतिशत उपस्थिति के बदले 33 प्रतिशत उपस्थित अनिवार्य कर रखी है। इस आदेश के तहत विभागों में कर्मचारियों की रोटेशन में ड्यूटी चल रही थी। इस व्यवस्था के विपरीत पोस्टमास्टर जनरल ने इंदौर रीजन के डाकघरों में शत प्रतिशत उपस्थिति का फरमान जारी कर दिया है। इस आदेश को लेकर कर्मचारियों में विरोध इसलिए भी है कि कई डाकघर यदि बेहद संवेदनशील (कोरोना प्रभावित) क्षेत्र में हैं तो लाकडाउन के चलते लोक परिवहन के साधन भी नहीं है। साथ ही डाकघरों में कोरोना बचाव के पुख्ता प्रबंध भी नहीं है।

इस आदेश के विरोध में जहां डाक तार कर्मचारियों के संगठनों ने अपना विरोध दर्ज कराया है वहीं दूसरी तरफ इंदौर के दोनों हेड ऑफिस जीपीओ और श्रीकृष्ण टॉकिज केपास नगर मुख्य डाकघर प्रमुखों ने इस तरह के आदेश को लेकर अनभिज्ञता जाहिर की है। पोस्ट मास्टर जनरल द्वारा 20 अप्रैल से रीजन के 35 से अधिक डाकघरों में शत प्रतिशत उपस्थिति वाले आदेश के पहले तक रोस्टर सिस्टम से कर्मचारी काम कर रहे थे, अन्य राज्यों में अभी भी रोस्टर मुताबिक ही डाकतार विभाग सेवा दे रहा है। अब शतप्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य करने को लेकर राष्ट्रीय डाक कर्मचारी एसो. वर्ग सी के सर्कल सेक्रेटरी महेश कश्यप, क्षेत्रीय सचिव अब्दुल फरीद कुरैशी, अभा डाक कर्मचारी महासंघ स्थानीय अध्यक्ष विवेक शर्मा ने पीएमजी को लिखे पत्रों में आदेश को वर्तमान परिस्थितियों में अनुकुल नहीं बताते हुए कहा है कि इंदौर रीजन के अधिकांश जिलों में कोरोना पॉजिटिव मरीज पाए जाने के बाद हॉट स्पॉट (रेड) जोन एवं कंटेनमेंट एरिया घोषित करने जैसे कारणों के चलते शत प्रतिशत उपस्थिति के आदेश की अपेक्षा रोस्टर प्रक्रिया को ही लागू रखें।

आदेश को लेकर टालते रहे

पीएमजी कार्यालय द्वारा सभी डाकघर खोलने और शत प्रतिशत उपस्थिति वाले आदेश को लेकर प्रजातंत्र ने डाकतार विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से कारण जानना चाहे तो सब टालते रहे। पीएमजी ब्रजेश कुमार का कहना था ऐसे किसी आदेश की मुझे जानकारी नहीं है।आप सीनियर पोस्टमास्टर श्रीनिवास जोशी से पता करिए। जोशी का कहना था मुझे कोई जानकारी नहीं है, मीडिया प्रभारी अशोक दशोरे बता सकेंगे। दशोरे का कहना था मै तो डेढ़ साल से यह काम नहीं देख रहा, आप प्रवर अधीक्षक एम के श्रीवास से बात कीजिए, वही बताएंगे। श्रीवास का कहना था दिल्ली से आया होगा आर्डर मेरी जानकारी में नहीं है।

कर्मचारी बोले हमारा 50 लाख रुपए का बीमा कराए सरकार

शहर के डाकघरों में लोकमान्य नगर, सुदामा नगर, खातीवाला टैंक, एमजी रोड, सियागंज, खजराना, नंदानगर, निपानिया स्थित डाकघर कंटेनमेंट एरिया में स्थित हैं।संयुक्त संघर्ष समिति और डाक कर्मचारी संघ ने आदेश के विरुद्ध कलेक्टर को भी शिकायत की है।समिति सचिव प्रेम रावत का कहना है कोरोना से बचाव के डाकघरों में समुचित प्रबंध नहीं है। डाक कर्मचारी संगठनों ने यह मांग भी कि है कि विभाग कर्मचारियों की जान की हिफाजत की गारंटी ले और 50 लाख का बीमा भी कराए।

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