केरल, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश में कोरोना का प्रभाव सबसे ज़्यादा – स्वास्थ्य मंत्री

विभव देव शुक्ला

फिलहाल पूरी दुनिया कोरोना वायरस से जूझ रही है। इस बीमारी के चलते दुनिया भर में हजारों मौतें हो चुकी हैं लेकिन अभी तक इसके थमने के कोई आसार नहीं नज़र आ रहे हैं। फिलहाल हमारे देश में भी कोरोना वायरस के कई मरीज़ सामने आए हैं जो अपने आप में चिंता का विषय है। सरकार इस बीमारी का सामना करने के लिए हर ज़रूरी कदम उठा रही है।

कुल 15 लैब तैयार किए गए
देश के अलग-अलग इलाकों में अभी तक लगभग 70 से ज़्यादा मरीज सामने आ चुके हैं। जिसमें महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश में भारी संख्या में मामले सामने आ रहे हैं। इतना कुछ होने के बाद केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने बताया है कि कोरोना वायरस के परीक्षण के लिए कुल 15 लैब बनाए जाएंगे।
लोकसभा में कोरोना वायरस में बोलते हुए हर्षवर्धन ने कहा नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलोजी में हमारी केन्द्रीय लैब होगी। इसके बाद हमने देश भर में कुल 15 लैब अलग से बनाई हैं क्योंकि यह वायरस सामान्य नहीं है। इस वायरस की जांच सामान्य लैब में नहीं की जा सकती है लिहाज़ा हमें कोरोना का सामना करने के लिए अलग से इंतज़ाम करने पड़ रहे हैं।

अभी तक 73 मरीज़ सामने आए
इसके बाद स्वास्थ्य मंत्री ने कहा हालांकि कोरोना वायरस हमारे लिए अब तक की सबसे बड़ी चुनौती साबित हुआ है इसलिए हमने देश भर में इसके 51 केंद्र बनाए गए हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक देश भर में अभी तक कोरोना वायरस के कुल 73 मरीज़ सामने आए हैं जिसमें से 56 भारतीय नागरिक हैं।
देश के तमाम राज्यों में से सबसे ज़्यादा 17 मामले केरल से सामने आए हैं। इसके अलावा महाराष्ट्र से 11 और उत्तर प्रदेश से 10 मामले सामने आए हैं जिसमें से एक विदेशी नागरिक भी शामिल है। कोरोना वायरस पर विश्व स्वास्थ्य संगठन के चिंता जताने के बाद भारत सरकार ने 15 अप्रैल तक के लिए सारे वीज़ा रद्द कर दिए हैं।

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