कांग्रेस के कुनबे में कलह, टिकट को लेकर मचा बवाल, निवर्तमान महासचिव गिरिराज ने दिया धरना

जयपुर: जयपुर नगर निगम चुनाव में नामांकन भरने के लिए उम्मीदवारों के पास अब नामांकन भरने के लिए बस एक दिन हाथ में है, लेकिन कांग्रेस के कुनबे में टिकट को लेकर कलह मची हुई है. टिकट वितरण के मौजूदा फॉर्मूला का विरोध करते हुए जहां निवर्तमान पीसीसी महासचिव गिरिराज गर्ग धरने पर बैठ गए, वहीं राजीव अरोड़ के नेतृत्व में सात वरिष्ठ कांग्रेसी नेताओं की मीटिंग हुई, जिसमें समानांतर पैनल तैयार किया गया. यह पूरा विवाद अब मुख्यमंत्री गहलोत व एआईसीसी तक पहुंच गया है.

नगर निगम चुनाव में टिकट की जंग:
-कांग्रेस में टिकट को लेकर विवाद खुलकर आया सामने
-पीसीसी चीफ व मंत्री धारीवाल के बीच हुई थी गर्मागर्म चर्चा
-धारीवाल व ज्योति खंडेलवाल के बीच भी हो चुकी नोंकझोंक
-अब कांग्रेस नेताओं ने धरना देना भी शुरू कर दिया
-निवर्तमान पीसीसी महासचिव गिरिराज गर्ग बैठे धरने पर
-विद्याधरनगर में टिकट वितरण को लेकर लगाए गंभीर आरोप
-सांगानेर व मालवीय नगर में भी कलह खुलकर सामने आई
-टिकट के फॉर्मूले पर वरिष्ठ कांग्रेसियों ने उठाया सवाल
-हारे हुए व्यक्तियों से टिकट बंटवाने पर किया खुलकर विरोध

टिकट का वितरण कांग्रेस के लिए टेढी खीर साबित:
नगर निगम चुनाव के लिए टिकट का वितरण कांग्रेस के लिए टेढी खीर साबित हो रहा है. चुनाव के लिए बनाई गई कमेटियों को दरकिनार करके सिर्फ विधायकों को सिंबल देने के मामले में विरोध खुलकर सामने आ गया. वहीं वरिष्ठ नेताओं को चुनाव से दूर रखने पर भी कांग्रेस में कलह मची हुई है. पीसीसी के निवर्तमान महासचिव गिरिराज गर्ग ने आज होटल अशोका में विद्याधर नगर के कांग्रेसी कार्यकर्ताओं के साथ धरना दिया. इस होटल में कांग्रेस के पर्यवेक्षक रूके हुए है. गिरिराज गर्ग ने टिकट वितरण के फॉर्मूले का विरोध किया और कहा कि बुरी तरह से हारे हुए व्यक्ति को टिकट वितरण का अधिकार दिया गया है। इसे कार्यकर्ता सहन नहीं करेंगे.

राजीव अरोड़ा के निवास पर हुईं एक अहम बैठक:
मामला यहां तक ही नहीं थमा. देर शाम को वरिष्ठ कांग्रेसी नेता नेता राजीव अरोड़ा के निवास पर एक अहम बैठक हुई. इस बैठक में संजय बाफना, सुरेश मिश्रा, बिरधीचन्द, सुनील पारवानी, विक्रम सिंह व केके हरितवाल मौजूद थे. इन नेताओं ने मालवीय नगर, सांगानेर व विद्याधर नगर में टिकट वितरण को पारदर्शी बनाने की मांग की. विधानसभा चुनाव में हारे हुए कांग्रेसी प्रत्याशी अर्चना शर्मा, पुष्पेंद्र भारद्वाज व सीताराम अग्रवाल द्वरा ही टिकट बांटने का खुलकर विरोध किया और पीसीसी चीफ व मुख्यमंत्री गहलोत तक अपनी बात पहुंचाई. अब इन नेताओं ने अपने स्तर पर उम्मीदवारों की सूची तैयार की है. कल सुबह ये नेता पीसीसी चीफ गोविंद डोटासरा से मिलेंगे और अपनी सूची सौपेंगे. राजीव अरोड़ा ने कहा कि हमने पीसीसी चीफ तक अपनी बात पहुँचा दी है और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की राय का होना चाहिए सम्मान. आमराय से टिकट वितरित होगी तो कांग्रेस का बोर्ड बनेगा.

विवाद का यह पूरा मामला पहुंचा एआईसीसी तक:
इससे पहले शुक्रवार रात को मुख्यमंत्री आवास पर भी टिकट वितरण को लेकर बैठक हुई थी. दरअसल विधायक चाहते है कि उनको खाली सिंबल दे दिया जाए, फिर वे अपनी मर्जी से उम्मीदवारों के नाम भर लेंगे, लेकिन पीसीसी चीफ ने इस बैठक में साफ कर दिया कि पहले उम्मीदवारों की सूची देनी होगी. साथ ही वरिष्ठ नेताओं की राय को भी तवज्जों दी जाएगी. इस बीच कांग्रेस में अलग अलग बैठकों का दौर भी शुरू हो चुका है. मंत्री प्रताप सिंह और रफीक खान व अमीन कागजी ने आज अलग से मीटिंग की. वहीं विवाद का यह पूरा मामला अब एआईसीसी तक पहुंच गया है. यदि टिकट वितरण को लेकर ऐसे ही आरोप प्रत्यारोप लगते रहे, तो फिर कांग्रेस के लिए निगम में अपना बोर्ड बनाना मुश्किल हो जाएगा.

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