पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने इसे लेकर कहा कि जब हमारे अन्नदाता किसान अपनी आवाज उठाते हैं तो यह आवाज पूरे देश में गूंजती है। 

देश के मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने सोमवार को केंद्र के नए कृषि कानूनों के विरोध में हो रहे किसान आंदोलन का समर्थन करते हुए एक सोशल मीडिया अभियान की शुरुआत की। पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने इसे लेकर कहा कि जब हमारे अन्नदाता किसान अपनी आवाज उठाते हैं तो यह आवाज पूरे देश में गूंजती है।  राहुल गांधी ने एक ट्वीट में लिखा, ‘मोदी सरकार ने किसानों पर अत्याचार किए। पहले काले कानून लाए फिर डंडे चलाए। लेकिन, वो भूल गए कि जब किसान आवाज उठाता है तो उसकी आवाज पूरे देश में गूंजती है। किसानों के साथ हो रहे शोषण के खिलाफ आप भी ‘स्पीकअप फॉर फार्मर्स’ अभियान के माध्यम से जुड़िए।’
एक अन्य ट्वीट में उन्होंने लिखा, देश का किसान काले कृषि कानूनों के खिलाफ ठंड में, अपना घर-खेत छोड़कर दिल्ली तक आ पहुंचा है। सत्य और असत्य की लड़ाई में आप किसके साथ खड़े हैं, अन्नदाता किसान या प्रधानमंत्री के पूंजीपति मित्र?’ उन्होंने कहा कि यदि ये कानून किसानों के हित में हैं तो किसान सड़कों पर क्यों हैं?

उन्होंने कहा, ‘देशभक्ति देश की शक्ति की रक्षा होती है। देश की शक्ति किसान है। सवाल यह है कि आज किसान सड़कों पर क्यों है? वह सैकड़ों किलोमीटर चलकर दिल्ली की तरफ क्यों आ रहा है? नरेंद्र मोदी कहते हैं कि कानून किसान के हित में है। अगर ये कानून किसान के हित में है तो किसान खुश क्यों नहीं है?’ राहुल गांधी ने कहा, हमें किसान की शक्ति के साथ खड़ा होना पड़ेगा। ये किसान जहां भी हैं उनके साथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं और आम जनता को खड़ा होना चाहिए। इनको भोजन देना चाहिए। इनकी मदद करनी चाहिए।’ उन्होंने कहा कि ये कानून प्रधानमंत्री के दो-तीन मित्रों के लिए हैं, किसान से चोरी करने के कानून हैं। उल्लेखनीय है कि कृषि कानून के खिलाफ किसानों का प्रदर्शन पांचवें दिन सोमवार को भी जारी रहा। प्रदर्शनकारियों ने आज राष्ट्रीय राजधानी को जाने वाले पांच मार्गों को जाम करने की चेतावनी दी है। इन किसानों की मांग कृषि कानूनों को वापस लेने की है। वहीं, स्थिति नियंत्रण के लिए भारी पुलिस बल भी तैनात किया गया है।

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