प्रेग्नेंसी में बनाई देश की पहली कोरोना टेस्टिंग किट

नई दिल्ली

कुछ करने का जज्बा हो तो मुश्किलें हल हो जाती हैं। मीनल दाखवे भोंसले ने जो कर दिखाया है, उसे जानकर तो यह फिर से साबित हो रहा है। उन्होंने कोरोना वायरस की जांच के लिए ऐसा किट तैयार किया जो विदेशी किट के मुकाबले बेहद सस्ता है। खास बात यह है कि मीनल ने अपनी प्रेग्नेंसी के आखिरी महीनों में इस किट पर काम किया।

देश का यह पहला टेस्टिंग किट कोरोना के खिलाफ लड़ाई में बड़ी भूमिका अदा कर सकता है। वायरॉलजिस्ट मीनल ने पुणे के एक डायग्नोस्टिक फर्म माइलैब डिस्कवरी सॉल्युशंस के प्रॉजेक्ट पर फरवरी में काम शुरू किया था। वह प्रेग्नेंट थीं। पिछले हफ्ते ही उन्हें बच्ची हुई। उन्होंने कहा, ‘यह जरूरी था, इसलिए मैंने इसे चुनौती के रूप में लिया। मुझे अपने देश की सेवा करनी है।’ उन्होंने बताया कि उनकी टीम के सभी 10 सदस्यों ने कठिन परिश्रम किया है। प्रॉजेक्ट पूरा होने पर टेस्टिंग किट नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ वायरॉलजी (एनआईवी) को 18 मार्च को सौंप दिया गया और अगले दिन ही मीनल को बेटी हुई।

हर दिन बन रहे 15 हजार किट : माइलैब डिस्कवरी सॉल्युशंस के पास हर दिन 15 हजार टेस्टिंग किट तैयार करने की क्षमता है। पुणे के लोनावाला की फैक्ट्री की उत्पादन क्षमता बढ़ाने पर प्रति दिन 25 हजार किट तैयार किए जा सकते हैं। माइलैब ने पहले बैच में पुणे, मुंबई, दिल्ली, गोवा और बेंगलुरु के डायग्नोस्टिक लैब को 150 टेस्टिंग किट भेजा है। सोमवार को दूसरा बैच भी निकल जाएगा।

विदेशी किट से सस्ता

देश का पहला कोरोना वायरस टेस्टिंग किट गुरुवार को मार्केट में आ गया। टेस्टिंग किट से वायरस के संक्रमण के संदिग्धों की जांच में तेजी आएगी। मीनल ने एक अंग्रेजी अखबार से बातचीत में बताया, ‘हमारा किट ढाई घंटे में टेस्ट रिजल्ट दे देता है जबकि विदेशी टेस्टिंग किट को छह से सात घंटे लगते हैं।’ हर माइलैब किट से 100 सैंपल टेस्ट किए जा सकते हैं और जांच का खर्च 1,200 रुपये आता है। यह रकम विदेशी किट के खर्चे (4,500 रुपये) के मुकाबले करीब एक चौथाई है।

हैलो! मैं नरेंद्र मोदी बोल रहा हूं… नर्स को जब पीएम ने किया फोन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हमेशा अच्छा काम करने वालों की हौसला अफजाई करते रहते हैं और उनकी तारीफ करने से नहीं चूकते। वह अपने रेडियो कार्यक्रम मन की बात के जरिए ऐसे खास लोगों के बारे में देशवासियों को बताते हैं। ऐसा ही एक उदाहरण शुक्रवार दोपहर को देखने को मिला। जब उन्होंने महाराष्ट्र के सरकारी अस्पताल नायडू की वरिष्ठ नर्स को उनके निजी फोन पर कॉल किया और उनके काम की प्रशंसा की। कर्मचारी यह जानकर हैरान हो गईं कि खुद प्रधानमंत्री ने उन्हें फोन किया है। प्रधानमंत्री ने सिस्टर से बात की शुरुआत करते हुए कहा, ‘नमस्ते सिस्टर छाया। आप कैसी हैं?’- जिसपर सिस्टर ने कहा, ‘मैं बिलकुल ठीक हूं सर।’ इसके बाद प्रधानमंत्री ने इसके आगे कुछ और भी सवाल पूछा।

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