खुद को स्वस्थ बताने का वीडियो जारी करने वाले डॉक्टर की कोरोना से मौत

विनोद शर्मा | इंदौर

देश में पहली बार डॉक्टर ने कोरोना संक्रमण से गंवाई जान… इलाज कराने वाले 2000 परिवार तनाव में

इंदौर में कोरोना वायरस से संक्रमित डॉक्टर डॉ. शत्रुघ्न पंजवानी का गुरुवार तड़के निधन हो गया। यह देश में कोरोना के संक्रमण से किसी डॉक्टर की मौत का पहला मामला है। डॉक्टर की जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद उन्हें इंदौर के ही अरबिंदो अस्पताल में भर्ती कराया गया था। यहां इलाज के दौरान ही उनकी मौत हो गई। डॉक्टर संक्रमित मरीजों का इलाज नहीं कर रहे थे। ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि डॉक्टर संक्रमित कैसे हुए? ऐसी आशंका है कि वे जिन मरीजों का इलाज नियमित रूप से कर रहे थे, उन्हीं में से कोई कोरोना संक्रमित रहा होगा। इस आशंका से अब स्वास्थ्य विभाग के सामने डॉक्टर के मरीजों की तलाश की नई चुनौती खड़ी हो गई है। करीब एक सप्ताह पहले क्लीनिक बंद होने पर यह अफवाह उड़ी की डॉक्टर पॉजिटिव पाए गए हैं। तब खुद पंजवानी ने एक वीडियो जारी कर कहा था- मैं पूरी तरह स्वस्थ हूं।

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उनकी मौत ने प्रशासन के साथ-साथ पैलेस कॉलोनी, रूपरामनगर, त्रिवेणी कॉलोनी, गुलजार कॉलोनी के 2000 लोगों की चिंता बढ़ा दी है जो 25-26 मार्च तक उनसे इलाज कराते रहे। पैलेस और गुलजार कॉलोनी सील है। प्रशासन ने सभी कॉलोनियों में संदिग्धों की खोज तेज कर दी है। क्लीनिक में गुलजार कॉलोनी, नूरीनगर, ब्रुकबांड कॉलोनी, त्रिवेणी कॉलोनी, रूपरामनगर, पैलेस कॉलोनी के लोग इलाज कराने आते थे। 24-25 मार्च तक क्लीनिक और मेडिकल स्टोर चालू रहा।

बिल्डिंग के रहवासी चिंतित, रिश्तेदारों की भी होगी जांच

14 स्कीम-101 स्थित लीला अपार्टमेंट। यहां डॉ. पंजवानी के साथ कालरा, चांदवानी, पंजाबी परिवार रहते हैं। इसके अलावा जिस विजय अपार्टमेंट में क्लीनिक था, वहां भी 18 फ्लैट है। नीचे 4 दुकाने हैं। दुकान नं. 4 में क्लीनिक था। दुकान नं. 3 किराए पर लेकर, वहां बेड लगा दिए थे। दुकान नं. 2 में पाॅपुलर क्लीनिक है। दुकान नं. 1 में पैथालॉजी लैब है। दुकानें रोड साइड हैं। बिल्डिंग में अंदर जाने का रास्ता अलग है। इसीलिए सभी के संक्रमित होने का खतरा कम है। चिंता का विषय है बिल्डिंग में रहने वाले डॉ. पंजवानी के साले विनोद कुकरेजा और गुरेलदास कुकरेजा की फैमिली, जो डॉ. पंजवानी के हालचाल देखने भी जा चुकी है। बिल्डिंग के सेनिटाइजेशन के लिए रहवासियों ने फोन लगाया था। निगम से कर्मचारी सेनिटाइजेशन के लिए आया। लोगों का आरोप है कि वह मैदान में फव्वारे उड़ाकर भाग गया। रहवासियों के कहने के बाद ऊपर कोई नहीं गया। बिल्डिंग में रहने वाले ज्यादातर लोग बुजुर्ग हैं।

शवयात्रा में पांच से ज्यादा लोगों के शामिल होने पर पाबंदी

कलेक्टर ने शवयात्रा में मात्र पांच व्यक्तियों के शामिल होने की अनुमति दी है। किसी भी स्थिति में किसी भी पार्थिव देह को इंदौर जिले की सीमा के बाहर ले जाने की अनुमति नहीं होगी। शव अस्पताल से सीधे श्मशान या कब्रिस्तान ही पहुंचेगा।

डॉ. पंजवानी के एक पेशेंट की भी कोरोना से मौत

पांच अप्रैल को सुयश हॉस्पिटल में 71-1 पैलेस कॉलोनी निवासी हरीश कुमार हरियानी की मौत हुई थी। हरीश कोरोना पॉजिटव थे। इसकी पुष्टि 8 अप्रैल को आई रिपोर्ट में हुई। बताया जा रहा है कि हरीश और उनका परिवार भी डॉ. पंजवानी का इलाज लेता रहा है।

क्या किसी मरीज से हुए संक्रमित?

पंजवानी के क्लीनिक में 4-5 बेड भी थे, जहां वह मरीजों को सलाइन और आईफ्लूड चढ़ाते थे। उनका ऐसा ही क्लीनिक 19 विनयनगर केसरबाग रोड में भी था। इंदौर में जिस गुलजार कॉलोनी को पूर्व में कंटेनमेंट एरिया घोषित किया जा चुका है, वहां के कई लोग डॉ. पंजवानी से इलाज करते थे। इसीलिए परिवार का मानना है कि किसी मरीज के संपर्क से ही डॉ. पंजवानी संक्रमित हुए।

पॉजिटिव होने की अफवाह उड़ी तो जारी किया वीडियो

बीच में एक-दो दिन डॉ. पंजवानी का क्लीनिक खुला नहीं था। लोगों ने फोन लगाया, लेकिन बंद मिला। तब क्षेत्र में अफवाह उड़ गई कि डॉ. पंजवानी को कोरोना हो चुका है। इस पर डॉ. पंजवानी ने अपनी पत्नी सहित एक वीडियो बनाया। जिसमें उन्होंने कहा कि मैं बिल्कुल स्वस्थ हूं। घर में अपने परिवार के साथ बैठा हूं। कोई तकलीफ नहीं है। बीमारी नहीं है। मुझे बीमार बताने वाले लोग मुझे बदनाम कर रहे हैं।

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