इलाज के लिए आई टीम की ओर आंख उठाकर भी देखा तो टांगें तोड़ दूंगा

संतोष शितोले | इंदौर

कलेक्टर द्वारा बदमाशों पर कड़ी कार्रवाई करने से पुलिस और मेडिकल टीम का मनोबल बढ़ा

टाटपट्टी बाखल में इलाज के लिए संक्रमित लोगों को लेने गई टीम से उपद्रवियों द्वारा मारपीट करने, थूकने और पथराव करने के मामले में पुलिस द्वारा 14 आरोपियों को गिरफ्तार व चार को रासुका में निरुद्ध करने के बाद अब न सिर्फ यहां, बल्कि आसपास के संक्रमित व संवेदनशील क्षेत्रों के हालात एकदम बदल गए हैं। इसके साथ ही मेडिकल टीम व पुलिस का मनोबल भी बढ़ा है। इन क्षेत्रों पर पुलिस की कड़ी नजर है। शुक्रवार को बंबई बाजार में मेडिकल टीम पहुंची तो पूरे समय पुलिस साथ थी। इक्का-दुक्का किसी ने घूरकर देखा तो एसआई ने पुलिस वाहन के माइक से चेतावनी दी कि अगर इलाज के लिए आई टीम की ओर आंख उठाकर भी देखा तो टांगें तोड़ दूंगा। इस पर लोग दुबक गए। यहां टीम 36 लोगों को क्वारंटाइन के लिए ले गई। इस दौरान किसी प्रकार के विवाद की स्थिति नहीं बनी।

टाटपट्टी बाखल से 800 मीटर दूर स्थित बंबई बाजार में दो दिन पहले संदेही संक्रमित व्यक्ति की मौत हो गई थी, जबकि उसके पिता की जांच रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई। इस पर दोपहर 3.30 बजे तहसीलदार सीएस हुड्डा, एएसएलआर अनिल मेहता के साथ मेडिकल टीम पहले मुख्य मार्ग पर पहुंची। बंबई बाजार संवेदनशील है और पहले भी कई विवाद हो चुके हैं। इसके मद्देनजर टीम में पहले थोड़ी घबराहट थी। इसका कारण रानीपुरा और टाटपट्टी बाखल की घटनाएं रहीं। यहां डॉ. तृप्ति कटघरे, डॉ. जाकिया सैयद व उनकी टीम ही पहुंची, जो टाटपट्टी बाखल में घटना का शिकार हुई थी। उनके साथ आशा कार्यकर्ता फिजा फातमा, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता गीता सेमलिया व जुबैदा बी भी थीं।

हमले के छह आरोपी और पकड़ाए… बुधवार को टाटपट्टी बाखल में स्वास्थ्यकर्मियों पर हमला करने वालों की धरपकड़ जारी है। शुक्रवार को छह आरोिपयों को नफीस, युसूफ, नावेद, साजिद, अनस और सावेज को िगरफ्तार किया गया। इलाके को पूरी तरह से लॉकडाउन कर रखा है। कोरोना संक्रमितों के संपर्क में आए लोगों की यहां तलाश की जा रही है और उन्हें क्वारंटाइन या अस्पताल में इलाज के लिए भेजा जा रहा है।

तहसीलदार हुड्डा के साथ दोनों महिला डॉक्टर और उनकी टीम ने दो मिनट मंत्रणा की और तटस्थ हुए कि आज कोई विरोध नहीं हुआ तो सभी संदेही संक्रमितों को साथ ले जाएंगे। इस बीच हुड्डा ने मोबाइल पर बात की और कुछ ही देर में एआईसीटीएसएल की बस व एम्बुलेंस आ गईं। मौके पर मौजूद पंढरीनाथ थाने के एसआई घनश्याम मिश्रा, कांस्टेबल सोनू नागर, रामहेत पलैया, अभिषेक राठौर व अंकेश, जो खुद टीम की तरह पीपीई किट में थे, ने डॉक्टरों से कहा, आज कुछ नहीं होगा, हम तुम्हारे साथ हैं।

एसआई मिश्रा ने बस चालक जितेंद्र भालसे से बस चौकी के पास पार्क कराई। फिर मेडिकल टीम बंबई बाजार की सघन गलियों में गई। यहां सन्नाटा पसरा था। टीम उस मकान में पहुंची, जहां संदेही संक्रमित की मौत हुई थी और उसके पिता पॉजिटिव पाए गए थे। यहां कई महिलाएं, पुरुष व बच्चे थे। हुड्डा व डॉ. तृप्ति ने उन्हें बताया खतरा बढ़ता जा रहा है। आपको क्वारंटाइन के लिए चलना होगा। इस पर सभी ने अपनी सहमति दी। कुछ ही देर में यहां से 24 लोगों और पास स्थित एक अन्य परिवार व उनके 12 रिश्तेदारों को बाहर लाया गया तो कुछ युवकों ने खिड़कियों से घूरकर देखा। दो-तीन लोग बाहर आ गए। इस पर एसआई मिश्रा ने पुलिस वाहन के माइक से उन्हें चेताते हुए कहा ये तुम्हारे इलाज के लिए आए हैं। इनकी ओर घूरकर भी देखा या गड़बड़ी की तो टांगें तोड़ दूंगा। यह सुनते ही सब अंदर दुबक गए। इसके बाद टीम सभी को बस से क्वारंटाइन के लिए पुण्या गार्डन ले गई।

टाटपट्टी बाखल में सन्नाटा, हर ओर पुलिस की पैनी नजर

इलाज के लिए आई मेडिकल टीम पर हमला करने पर देशभर में कुख्यात हो चुके टाटपट्टी बाखल में शुक्रवार को नजारा एकदम अलग था। इसका कारण यहां 14 लोगों की गिरफ्तारी, 4 के खिलाफ रासुका, पुलिस की सख्ती और देशभर में हुई यहां के लोगों की कड़ी निंदा रहा। घटना के बाद सोशल मीडिया, अखबारों और चैनलों पर घटनाक्रम वायरल हुआ तो रहवासियों की जमकर किरकिरी तो हुई ही, अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों व समाजजन ने भी कड़ा आक्रोश जताया। इसके चलते शुक्रवार को सन्नाटा पसरा रहा। यह पूरा क्षेत्र सील है। दोपहर को मेडिकल टीम एम्बुलेंस से अंदर गई और कुछ देर बाद रवाना हो गई। यहां हेड कांस्टेबल कमलसिंह डोडवा, कांस्टेबल सुनील श्रीवास्तव, अवनीश सिकरवार, सत्यम कुमार, पवन गुर्जर आदि की तैनाती है। इन सभी की सख्ती के चलते कोई गड़बड़ नहीं हुई, जबकि वरिष्ठ अधिकारी भी मॉनिटरिंग कर रहे हैं।

पिता-पुत्र व टीम के जज्बे को सलाम

चंदन नगर में कुछ पॉजिटिव केस पाए गए, लेकिन यहां शुरू से कोई अप्रिय घटना नहीं हुई। इसका कारण यहां थाना प्रभारी योगेशसिंह तोमर की दूसरी बार पोस्टिंग होना है। उक्त संवेदनशील क्षेत्र में उन्होंने पहले भी नगर सुरक्षा समिति के सहयोग से सामुदायिक पुलिसिंग को आयाम दिए हैं। पूरे क्षेत्र में नगर सुरक्षा समिति के मदन सोलंकी, उनके पुत्र सचिन, अनिल निमोले, रोहित राठौर, पंकज हाड़ा, मुरली चौधरी, पंकज जैन, रोहित प्रजापत, ओमप्रकाश पटेल, राजेश जाटव, स्वतंत्र भावसार, रवि हंसवाल आदि सक्रिय हैं। ये शुरू से ही पुलिस व मेडिकल टीम के साथ संदेही संक्रमित लोगों को समझाइश देकर उन्हें नियत स्थानों पर पहुंचा रहे हैं।

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