हर जगह मची उथल पुथल के बीच जूही चावला ने पेश की सटीक बात

विभव देव शुक्ला

देश में फिलहाल बहुत कुछ चल रहा है, एक के बाद एक तमाम ऐसे मुद्दे सामने आए जिन पर पूरा देश बेतरतीब हो गया। किसी ने समर्थन किया तो किसी ने विरोध, किसी ने पूरी तरह स्वीकारा तो किसी ने सिरे से नकार दिया। चाहे नागरिकता संशोधन अधिनियम रहा हो या नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिज़न, चाहे जेएनयू में छात्रों के साथ हुई हिंसा रही हो या फिलहाल जारी छपाक फिल्म का विरोध। हर बड़े मामले में फिल्मी सितारे बख़ूबी मौजूद नज़र आए।

फ्री कश्मीर से शुरू हुआ विवाद
इस कड़ी में सबसे ताज़ा प्रतिक्रिया आई है बॉलीवुड की मशहूर अदाकारा जूही चावला की तरफ से। जूही का कहना है कि हर वक्त सरकार की आलोचना करने से बेहतर होगा अगर पहले अपने ऊपर ध्यान दें। दरअसल कुछ दिनों पहले जेएनयू में छात्रों के साथ हिंसा हुई थी जिसका मुम्बई में विरोध हुआ। विरोध के दौरान एक पोस्टर खूब चर्चा और विवादों में रहा जिस पर लिखा था ‘फ्री कश्मीर’। इस पोस्टर के विरोध में बुधवार को मुम्बई में ही एक आयोजन हुआ जिसमें जूही चावला भी शामिल हुईं।
इसके बाद जूही ने कहा बतौर कलाकार किसी भी मुद्दे पर प्रतिक्रिया जानने के लिए हमसे सवाल किया जाना सही नहीं है। बल्कि हमें मामले और हालातों को समझने का समय दिया जाना चाहिए। जिस वक्त हम काम पर रहते हैं, इस सोच में रहते हैं कि कैसे अपना काम पूरा करें। तब अचानक से कोई मीडियकर्मी हमसे सवाल पूछता है, ‘आपकी मुद्दे पर क्या राय है?’ तब तक हमें मामले की जानकारी तक नहीं होती, लोगों को भी मुद्दे की सही जानकारी नहीं होती। ऐसे में मीडियाकर्मियों को हमसे जवाब चाहिए होते हैं।

जोड़ने से ज़्यादा तोड़ने की बात कर रहे हैं
सबसे पहले लोगों को समझने तो दीजिये कि एनआरसी और सीएए क्या है और क्यों इसके बारे में बहस छिड़ी हुई है। यह अपने आप में हैरान कर देने वाली बात है कि लोग जोड़ने से ज़्यादा तोड़ने की बात करते हैं। लोग तोड़ने की बात करने में बहुत तेज़ी दिखाते हैं, ऐसे लोग जोड़ने की बातों में तेज़ी क्यों नहीं दिखाते?
सब लोग यही कहते हैं कि सरकार क्या कर रही है, सरकार ऐसा क्यों कर रही है? लेकिन उस दौरान हम यह भूल जाते हैं कि जब हम किसी की तरफ एक उंगली दिखाते हैं तो बची हुई उँगलियाँ हमारी तरफ होती हैं। हमें सबसे पहले किसी भी मुद्दे को शांति से बैठ कर समझना चाहिए उसके बाद कोई प्रतिक्रिया देनी चाहिए।
सोशल मीडिया पर जूही चावला के इस बयान को लेकर काफी बहस हो रही है। इस बयान के सुर्खियों में आते ही सोशल मीडिया पर एक नई तरह की बहस शुरू हो गई, नेटिज़न जूही चावला के इस बयान को दीपिका पादुकोण के जेएनयू जाने से जोड़ कर देख रहे हैं। लेकिन बयान में एक बात बेहद साफ है कि इसका सीधा लेना देना सीएए – एनआरसी से है।

admin