देशभर में मशहूर रतलामी सोने के कारीगर भुखमरी के कगार पर

ब्यूरो | रतलाम


बंगाली कारीगरों के हालात हुए बद से बदतर

रतलाम किसी नाम का मोहताज नही। जब भी कहीं रतलाम का नाम किसी की जुंबा पर आता है तो चाहे वह महिला हो या पुरुष, उसके दिलो-दिमाग में रतलामी सोने की चमक छा जाती है। लाॅकडाउन के चलते चाहे अमीर हो या गरीब, हर किसी की आर्थिक स्थिति किसी की ठीक नही है। ऐसे में यहां सोने-चांदी का काम करने वाले कारीगरों की हालत भी बद से बदतर हो गई है।

वर्तमान हालातों को देखकर अभी यह कहा नहीं जा सकता कि कब जाकर व्यापार धंधा चालू होगा। यहां सोने-चांदी के गहने बनाने के काम में करीब 6 हजार कारीगर लॉकडाउन के कारण दयनीय हालत में हैं। सोना गलाकर उसे आभूषणों का रूप देने वाले हाथों से अब रोजगार छिने हुए 50 दिन बीत चुके हैं। ऐसे में यह कारीगर अपनी रोजी रोटी को लेकर बड़े परेशान नजर आ रहे हैं।

घर में राशन खत्म, हम किसी भी तरह घर जाना चाहते हैं | घर में आटा, दाल खत्म होने को है, किससे मदद मांगें। हम लोगों को सहयोग करने वाला कोई नहीं है साहब। अब हम भी अपने गांव हुबली (पश्चिम बंगाल) जाना चाहते हैं। कितने दिन कोई राशन पानी देगा। इससे अच्छा है हम अपने गांव लौट जाएं। यह पीड़ा यहां सोने-चांदी के गहने बनाने वाले कारीगरों सुजीत जाना, प्रहलाद मंडल, अमित दास, सनातन मण्डी, विश्वजीत मन्ना, देवाशीष ने व्यक्त की। इसी तरह तोहिदूल सरदार, पलमल, दुध कुमार माहिती, बादल बेरा कारीगरों ने बताया कि हमारा रोजगार रोज काम करने पर निर्भर है, जितना काम उतना पैसा मिलता है। ऐसे दो माह होने को हैं, हमारी आर्थिक स्थिति गड़बड़ा गई है। हम तो अब अपने घर जाना चाहते हैं, आप हमें हमारे घर पहुंचाने में हमारी मदद करें, जो भी अधिकारी हैं, उन तक हमारी समस्या को पहुंचा दीजिए साहब।

एक गहना तैयार करने में लगती है 7-8 कारीगर की मेहनत

20 ग्राम सोने की कारीगरी करने के एवज में जो इस कार्य में लगे रहते हैं, उन्हें 300 मिलीग्राम सोना मिलता है। रतलाम सराफा में सोना गलाने वाले, सोने की बारीक कारीगरी करने वाले, सोने की छिलाई करने वाले, पॉलिस करने वाले, हार बनाने वाले, मीनाकारी करने वाले, दाने बनाने वाले अलग-अलग कारीगर की सेवाएं लगती हैं। अगर इस कार्य में अनुमानित 1200 रुपए मिलते हैं तो वह इन सभी में बराबरा-बराबर बांट लिया जाता है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि एक कारीगर को कितना कम मेहनताना मिल पाता है, लेकिन यह लोग सिद्दत से यह कार्य करते हैं और जैसे-तैसे अपना पेट भरते हैं।

यह है कारीगरों के काम और मजदूरी का सिस्टम
• लगभग 20 ग्राम सोने की कारीगरी करने पर मिलता है 300 मिलीग्राम सोना।
• 20 ग्राम सोने का दो रोज में पूरा होता है कार्य।
• एक रोज की कारीगरी इस मान से 300 रूपए तक बैठती है।

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