‘इलाज तो दूर, दो दिन से कोई डॉक्टर देखने तक नहीं आया है’ कोरोना पॉजिटिव व्यक्ति के पत्नी का एम्स पर आरोप

नेहा श्रीवास्तव, इंदौर।

एम्स में भर्ती कोरोना पॉजीटिव को इलाज के नाम पर महज भर्ती करके रखा गया है। इलाज तो दूर, दो दिन से कोई डॉक्टर देखने तक नहीं आया है। ये आरोप एम्स में भर्ती कोरोना पॉजिटिव व्यक्ति के पत्नी का है।

क्या है पूरा मामला

शिवलोक खजूरीकलां निवासी प्रीति पांडे का कहना है कि उनके पति राजकुमार एनएचएम में आईटी सलाहकार हैं। जिन अधिकारियों को कोरोना पॉजीटिव है, वे उनके संपर्क में थे। उन्हें तीन दिन पहले एम्स के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किया गया था। प्रीति का आरोप है उन्हें ठीक से खाना भी नहीं दिया जा रहा है।

भोपाल में 84 लोग कोरोना की चपेट में हैं। 29 स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी और अफसर शामिल हैं। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन में काम करने वाले आईटी एक्सपर्ट की पत्नी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

उन्होंने कहा कि पूरे मोहल्ले के लोग जानते हैं कि मेरे पति कोरोना संक्रमित हैं। मैं अपने बच्चे के साथ घर में कैद हूं। स्वास्थ्य विभाग की तरफ से कोई मेरे घर हम लोगों के सैंपल के लिए नहीं आया है। नहीं जांच करवाने को कहा। इसके साथ ही हमारे घर को भी सैनिटाइज नहीं किया गया है। पति को एम्स में सही के खाना भी नहीं दिया जा रहा है।

प्रधानमंत्री से क्या गुहार लगाई

वीडियो में आगे प्रीति ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा बुलाई गई बैठक में भाग लेने मेरे पति गए हुए थे जहां से वह कोरोना से इनफेक्टेड हो गए। उन्होंने जांच कराई पॉजिटिव होने पर एम्स भोपाल में में भर्ती हो गए 2 दिन से वहां उनका कोई उपचार नहीं हो रहा है। एम्स के ज्यादातर डॉक्टर छुट्टी पर हैं। 2 दिन में उन्हें कोई देखने नहीं आया सिर्फ आइसोलेशन के नाम पर वहां डाल रखा है। न तो उन्हें अच्छा खाना और न हीं उनका सही इलाज हो रहा है।

प्रीति ने कहा कि उन्होंने अफ्सरों से गुहार लगाई कि जैसे सभी संक्रमित अधिकारियों को चिरायु अस्पताल में रखकर अच्छा इलाज दिया जा रहा है वैसे ही उनके पति को भी चिरायु लाया जाए, लेकिन किसी ने नहीं सुनी। कृपया मेरी सभी से बार-बार विनती है कि माननीय प्रधान मंत्री जी, मुख्यमंत्री जी तक यह वीडियो पहुंचाए ताकि मेरे पति व मेरे परिवार और मेरे आस-पास  के इलाके में कोरोना से बचाव , सुरक्षा एवं उपचार के लिए त्वरित कार्यवाही हो सके।

इसपर एम्स ने क्या प्रतिक्रिया दी

वहीं एक बयान में एम्स ने सभी आरोपों को खारिज किया है। भोपाल एम्स की पीआरओ डॉ.लक्ष्मी प्रसाद बोलीं, “वायरल वीडियो में हम पर आरोप है कि अस्पताल उनके COVID-19 सकारात्मक पति को उचित इलाज नहीं दे रहा है। हम पर लगाए गए ये आरोप आधारहीन और मुख्य रूप से एम्स और हमारे डॉक्टरों की छवि खराब करने के लिए लगाए गए हैं।”

उन्होंने आगे कहा कि हम बार-बार कह रहे हैं कि एम्स में हर मरीज़ को प्रोटोकॉल के मुताबिक ही देखा जा रहा है, पूरी लगन के साथ। जिस मरीज़ के बारे में (राजकुमार) वीडियो और न्यूज़ में बात हो रही है, उसे रेगुलर बेसिस पर चेक किया जा रहा है। आज सुबह के राउंड पर भी उनको देखा गया। उनकी चिंताएं सुनी गई हैं, मेडिकल प्लान भी एक्सप्लेन किया गया।

विटामिन-सी को लेकर उनकी जो चिंता थी, उसका भी जवाब दे दिया गया। ये कि उनकी हालत स्थिर है, ऐसे में उन्हें चार बार विटामिन-सी देने की जरूरत नहीं, उन्हें पूरा खाना भी दिया जा रहा है। वही खाना अस्पताल के डॉक्टर्स और नर्स भी खा रहे हैं।

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