पहले 20 लोग मिलकर एक लड़के की हत्या कर देते हैं फिर ताली बजाते हुए भाग जाते हैं

नेहा श्रीवास्तव, इंदौर। उत्तर प्रदेश का लखनऊ शहर, इस शहर का पॉश इलाका गोमती नगर। समय लगभग 4 बजे के क़रीब एक लड़के को लगभग 25 लोग मिलकर कॉलोनी के बाहर मार देते हैं। केस गोमतीनगर के अलकनंदा अपार्टमेंट का है। मारने के बाद हत्यारे जोर से ताली पीटते हुए आराम से चले जाते हैं।

प्रशांत अपने जन्मदिन की पार्टी के लिए बहन को लेने आया था। जैसे ही वो अपार्टमेंट के पास पहुंचा तो उसकी गाड़ी रोक कर हत्यारों ने पहले इनोवा कार का शीशा तोड़ा फिर ड्राइवर को पीट कर भगा दिया। ड्राइवर को भगाने के बाद प्रशांत पर चाकुओं से हमला कर दिया। अपनी जान बचाने के लिए बुरी तरह घायल छात्र कार से उतरकर अपार्टमेंट की ओर भागा। वहां लिफ्ट के पास घायल छात्र गिर गया। सूचना मिलने पर पुलिस पहुंची और घायल छात्र को अस्पताल ले गई, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

घटना गुरुवार दोपहर करीब 3:39 बजे की है। मूल रूप से वाराणसी के बाबतपुर के गंगापुर का रहने वाला प्रशांत सिंह लखनऊ के बीबीडी कॉलेज में बीटेक तृतीय वर्ष का छात्र था। प्रशांत अपने मित्र आलोक के साथ लोहिया पार्क के सामने विजय खंड में किराये के मकान में रहता था। प्रशांत सिंह का जन्मदिन गुरुवार को था। अपने जन्मदिन की पार्टी के लिए वह अपनी मुंहबोली बहन को लेने गोमतीनगर विस्तार के अलखनंदा अपार्टमेंट आया था। यहां पहले से प्रशांत सिंह के आने का इंतजार कर रहे तीन युवकों ने अपार्टमेंट के भीतर प्रशांत सिंह की इनोवा कार रोक ली।

इस दौरान अपार्टमेंट के करीब 10 लोग कार के आसपास खड़े रहे। घटना को अंजाम देने के बाद हत्यारे वहां से भाग खड़े हुए। उनके जाने पर प्रशांत सिंह कार का शीशा खोलकर भागते हुए अपार्टमेंट के एम ब्लॉक में पहुंचा। अधिक खून बहने के कारण वह वहीं गिर गया। अपार्टमेंट के गार्ड की सूचना पर पुलिस पहुंची और प्रशांत को अस्पताल ले गई। जहां डॉक्टरों ने प्रशांत को मृत घोषित कर दिया।

पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज मंगा लिए हैं। फुटेज में हमला करने वाले लड़के भी दिख रहे हैं और खुद को बचाकर भागता प्रशांत भी। अपार्टमेंट के बाहरी गेट पर लगा सीसीटीवी काम नहीं कर रहा था, इसलिए पुलिस को एक सीसीटीवी से मिले फुटेज के आधार पर ही जांच करनी पड़ रही है। पुलिस का कहना है कि प्रशांत अपनी जिस दोस्त से मिलने आया था, उससे पूछताछ से भी कई सबूत मिले हैं। लेकिन इस केस से फिर से यूपी के लॉ एंड ऑर्डर पर सवाल उठने लगे हैं।

admin