पहले गले में कुत्ते का पट्टा बाँध कर पीटा फिर रेप का केस दर्ज करवा दिया

नेहा श्रीवास्तव, इंदौर। एक वीडियो खूब वायरल हो रहा है जिसमें एक शख्स को कुछ लोग बुरी तरह पीट रहे हैं। पीटे जा रहे शख्स के गले में कुत्ते को बांधने वाला पट्टा डाला गया है और डंडे, लातों से उसकी पिटाई की जा रही है। वहीं पीटने वाले लोग, पीड़ित युवक को कुत्ते की तरह भौंकने के लिए बोल रहे हैं। साथ ही युवक को बुरी तरह पीटा और जमीन पर घसीटा जा रहा है। वहीं, कुछ लोग हथियार निकाल कर खड़े रहने के लिए बोल रहे हैं।

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में एक व्यक्ति को कथित रूप से पीटा गया, कुत्ते के पट्टे से घसीटा गया और उसकी पत्नी के परिवार द्वारा भौंकने के लिए कहा गया जो उनकी शादी के खिलाफ थे। कहा जा रहा है कि ये वीडियो 8 महीने पुराना मसूरी थाना क्षेत्र का है।

वीडियो के आने के बाद इस घटना की जांच शुरू की गई है सदर पुलिस स्टेशन में एक कांस्टेबल प्रभात कुमार ने कहा, “हमें ये वीडियो मिला है। हम जांच करेंगे। FIR दर्ज करने का आदेश दिया गया है।”

गाजियाबाद पुलिस और प्रशासन को दी गई शिकायत के अनुसार, पीड़ित इकरामुद्दीन उर्फ बबलू मसूरी थाना क्षेत्र के कल्लू गढ़ी डासना देहात इलाके का रहने वाला है। इकरामुद्दीन के अनुसार, उसने 8 फरवरी 2018 को एक युवती ( हिना) से प्रेम विवाह किया था और 12 फरवरी 2018 को उसने कोर्ट में रजिस्टर्ड कराया था। युवती के रिश्तेदार इकरामुद्दीन के पड़ोसी थे, जिनके यहां उसका आना जाना था।

वहीं पीटे गए व्यक्ति का नाम इकरामुद्दीन है। उन्होंने ने कहा, “मुझे मेरी पत्नी के रिश्तेदारों द्वारा उठाया गया था क्योंकि वे हमारी अदालती शादी से खुश नहीं थे। उन्होंने मुझे पीटा और वीडियो शूट किया।”

इकरामुद्दीन ने बताया कि शाम के समय युवती के रिश्तेदारों ने उसे उसके घर से जबरन उठाया और अपने घर खींचकर ले गए, जहां उसके साथ अमानवीय व्यवहार किया गया और बुरी तरह पीटा गया। इसके बाद सूचना पर पहुंची पुलिस ने उसे अस्पताल में एडमिट कराया।

घटना की शिकायत करने जब वो गाजियाबाद एसएसपी दफ्तर पहुंचा तो उसे पता चला कि उस पर उसी की पत्नी हिना ने रेप का मुकदमा घटना के अगले दिन ही 17 मई को दर्ज करा दिया गया था। जिसके आधार पर उसे एसएसपी दफ्तर से रेप के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। जहां से वह 28 नवंबर को जमानत पर रिहा हुआ और इसके बाद उसने अपनी इस पिटाई के बारे में शिकायत दर्ज कराने के लिए न्यायालय में शिकायत की जो अभी विचाराधीन है।

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