जम्मू-कश्मीर में पांच राजनेता हिरासत से पांच महीने बाद किए गए रिहा

श्रीनगर

पूर्व मुख्यमंत्री फारुक, उमर अब्दुल्ला और महबूबा अभी भी हिरासत में

जम्मू कश्मीर प्रशासन ने पांच अगस्त के बाद से हिरासत में रखे गए पांच राजनीतिक नेताओं को सोमवार को रिहा कर दिया। अधिकारियों ने बताया कि ये पांचों नेता नेशनल कांफ्रेंस (नेकां) और पीपल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) के हैं, जिन्हें एहतियातन हिरासत में रखा गया था। आज रिहा कर दिया गया है। अधिकारी ने बताया कि रिहा किए गए नेताओं में नेकां के इशफाक जब्बर और गुलाम नबी भट तथा पीडीपी के बशीर मीर, जहूर मीर और यासिर रेशी शामिल है। रेशी पीडीपी के बागी नेता माने जाते हैं जिन्होंने तत्कालीन मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती के खिलाफ बगावत कर दी थी।

मालूम हो कि पीडीपी ने बीते रविवार को जम्मू कश्मीर के राजनीतिक नेताओं की रिहाई की अपनी मांग दोहराई थी। साथ में पार्टी ने कहा कि इस क्षेत्र में मौजूदा स्थिति लोकतंत्र के विचार को कमजोर कर रही है। पार्टी ने कहा था कि मौजूदा स्थिति आपातकाल के दिनों की यादों को ताजा कर रही है। पीडीपी के महासचिव और विधान परिषद के पूर्व सदस्य सुरिंदर चौधरी ने कहा कि शांति कायम करने के लिए, सरकार को मौजूदा स्थिति पर गौर करना चाहिए जो बहुत गंभीर और चिंताजनक है। जम्मू में पार्टी मुख्यालय में एक बैठक को संबोधित करते हुए उन्होंने जम्मू कश्मीर के हिरासत में रखे गए राजनीतिक नेताओं को रिहा किए जाने की जरूरत को रेखांकित किया था।

चौधरी ने सरकार से जम्मू के साथ-साथ कश्मीर के भी किसानों को तत्काल राहत प्रदान करने की गुजारिश की थी। 27 दिसंबर को विवादास्पद जन सुरक्षा कानून (पीएसए) के तहत पीडीपी के एक युवा नेता समेत तीन व्यक्तियों को हिरासत में लेने के आदेश को खारिज कर दिया।

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